पीथमपुर शिव मंदिर,,,भक्तों का आस्था का केंद्र

राजेन्द्र देवांगन
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पीथमपुर शिव मंदिर,,,भक्तों का आस्था का केंद्र

(संवाददाता असलम खान)

प्रदेश के बिलासपुर से लगभग 70 किलोमीटर व जांजगीर चाम्पा जिले से लगभग 10 किलोमीटर की दुरी पर हसदेव नदी के किनारे है पीथमपुर जहा है कालेश्वरनाथ मंदिर जो शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है।

यहा वैसे तो हमेशा भक्त आते रहते है लेकिन सावन में यहा भक्तों की भीड़ थोड़ी बढ़ जाती है भक्त यहा सावन के सोमवार को सुबह के वक़त जल विसर्जित करने आते है यहा बहते हसदेव नदी में स्नान कर जल ले जाकर कलेश्वरनाथ शिव की प्रतिमा में जल अर्पित कर देते है

महाशिवरात्रि व रंग पंचमी त्यौहार के समय यहा 10 दिनो का मेला लगता है। जहा लोगों की काफ़ी भीड़ उमड़ती है और ख़ास बात तो यह है कि रंग पंचमी के दिन यहा भगवान शिव की बारात भी निकाला जाता है जिससे देखने लोग दूर दूर से आते है और ढोल नगाड़ों से गूँजते पीतमपुर में खो जाते है मतलब ये के उन्हें यह आके बहुत ख़ुशी मिलती है यही तो कारण है कि लोग यहा हर साल शिव जी के बारात देखने पहोच ही जाते है

यहा हर साल रंगपंचमी के दिन विशेष आराधना के बाद बारात निकला जाता है। शिव जी को चाँदी की पालकी में बिठाकर बारात गाँव में निकलती है जिसमें मुख्य बाराती नंगा साधु होते हैं, देश के कई जगहों से आये नंगा साधुओं के साथ भगवान शिव के हज़ारों भक्त ढोल बाजों के साथ गाव में निकल जाते है। जीसे देखने बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठा होते हैं।

यदि आप रंगपंचमी के दिन बारात में समिल हो सकते है तो ज़रूर हो।आप चाहे तो बाक़ी दिन भी घूमने आ सकते है मंदिर से जुड़के चलती हसदेव नदी काफ़ी सुंदर लगती है आसपास का वातावरण सांत सा लगता है एक अलग ही क़िस्म की सांती मिलती है मन को

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