चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने माननीय मंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव से छत्तीसगढ़ मूल्य . प्रस्तुत करने की नियत तिथि को बढाने की मांग

राजेन्द्र देवांगन
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चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने माननीय मंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव से छत्तीसगढ़ मूल्य . प्रस्तुत करने की नियत तिथि को बढाने की मांग

कमल दुसेजा,रायपुर कर निर्धारण में विभाग द्वारा किए गए एक पक्षीय आदेश के विरूद्ध व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर धारा 49 (1) के तहत कार्यवाही किया जाए – अमर पारवानीचांपा के व्यसायी अनील मनवानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड़ इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, कैट के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, चेम्बर के महामंत्री अजय भसीन एवं कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा ने बताया कि आज चेम्बर ने आज वाणिज्य कर मंत्री माननीय श्री टी.एस. सिंहदेव को पत्र जारी कर छत्तीसगढ़ मूल्य संर्वधित कर अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2016-17 तथा वर्ष 2017-18 के वार्षिक स्टेटमेंट (फार्म 18) प्रस्तुत करने की नियत तिथि बढ़ाये जाने तथा कर निर्धारण में विभाग द्वारा किए गए एक पक्षीय आदेश के विरूद्ध व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर धारा 49 (1) के तहत कार्यवाही करने आग्रह किया। श्री अमर पारवानी ने माननीय मंत्री जी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि कि वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 के वार्षिक विवरण पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि जिसे बढ़ाकर पूर्व में 30 अप्रेल 2021 किया गया था, किन्तु प्रदेश में जारी लॉकडाउन की वजह से उक्त तिथि को पुनः बढाये जाने का आग्रंह करते हैं। उन्होनें नें कहा कि इस समय हमारा प्रदेश कोरोना महामारी के दूसरे लहर का सामना कर रहे है जिसमें संक्रमण का प्रसार पहली लहर की तुलना में कहीं ज्यादा एवं भयावह है, जिसके चलते राज्य में लगभग 45 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है, जिससे राज्य में समस्त व्यापारिक गतिविधियां बंद है साथ ही सी.ए., वकील एवं अन्य सेवा प्रदाताओं के कार्यालय भी इस लॉकडाउन में बंद हैं, इसके आलावा कोरोना माहामारी से व्यापारिक संस्थानों, कार्यालयों में कार्यरत विभिन्न व्यक्ति, एकाउंटेंट, सपोर्ट स्टाफ, प्रबंधन स्टाफ, विभिन्न सलाहकार इत्यादि भी इस महामारी का शिकार होकर प्रभावित हो रहे हैं, एैसे विकट परिस्थिति में वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 का वार्षिक विवरण पत्र दाखिल कर पाना संभवनहीं हो सका है । एैसे स्थिति में वार्षिक विवरण पत्र दाखिले की समय सीमा वर्ष 2016-17 के लिए 30 जुलाई 2021 तक तथा वर्ष 2017-18 के लिए 30 सितंबर 2021 तक बढ़ाया जाना छत्तीगसढ़ के उद्योग व्यापार जगत के हित में होगा। श्री पारवानी ने माननीय मंत्री जी से अनुरोध करते हुए कहा कि जिन प्रकरणों में एक पक्षीय आदेश पारित कर विभाग द्वारा कर निर्धारण की कार्यवाही की गई थी उक्त आदेश के विरूद्ध व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर धारा 49 (1) के अंर्तगत स्व विवेक के आधार पर कार्यवाही करके कर निर्धारण पूर्ण किया जावे, साथ ही एक पक्षीय आदेश में बकाया कर, ब्याज एवं शस्ति की राशि के लिए विभाग द्वारा व्यापारी के बैंक एकाउंट सीज न किए जायें । उन्होनें आगे कहा कि आपके द्वारा पूर्व में भी, कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, विवरण पत्र प्रस्तुत करने की तिथियां बढ़ायी गई थी जिसके लिए व्यापारी वर्ग आपका आभारी है एवं आपसे अपेक्षा करता है कि पूर्व की भांति इस संकटकाल में भी सहयोग करते हुए उद्योग व्यापार जगत के हित में निर्णय लेंगे ।

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