*प्रदेश में जैव प्रौद्योगिकी को मिलेगा बढ़ावा: मंत्री श्री रविन्द्र चौबे*

राजेन्द्र देवांगन
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*छत्तीसगढ़ बीआईसी सेंटर से जैव प्रौद्योगिकी को मिलेगा बढ़ावा: मंत्री श्री रविन्द्र चौबे*

*बीआईसी के नए भवन का नाम होगा सुभाष चंद्र बोस बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर*

मनोज शुक्ला,रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर की राज्य में जैव प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि बीआईसी से जैव प्रौद्योगिकी हेतु समेकित योजना तथा कार्यक्रमों का विस्तार होगा और इससे संबंधित उद्योगों का विकास हो सकेगा। कृषि मंत्री श्री चौबे ने उक्ताशय के विचार आज यहां रायपुर में बीज निगम कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रोन्नत सोसायटी की संचालक समिति की बैठक अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कृषि विभाग, कृषि विश्वविद्यालय, हार्टीकल्चर एवं बायोटेक सोसायटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर के लिए सभी आपसी समन्वय से कार्य करें, जिससे यह सेंटर पूरे देश में अपने काम से जाना जाएं। सेंटर के नए भवन को सुभाष चंद्र बोस बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर के नाम से जाना जाएगा। भवन का निर्माण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा करीब 13 करोड़ 50 लाख की लागत से किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रौन्नत सोसायटी की संचालक समिति की बैठक में जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना के अंतर्गत संचालित बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर के निर्माण एवं अन्य संचालित कार्याें की जानकारी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जैव प्रौद्योगिकी एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने हेतु भारत सरकार और राज्य सरकार की सहभागिता से जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना के प्रथम चरण में बायोटेक इंक्यूबेशन की स्थापना की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह सेंटर मध्य भारत का पहला सेंटर है। बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर की लागत 30 करोड़ रूपए है तथा सेंटर के बनने वाले भवन की लागत 13 करोड़ 50 हजार रूपए होगी। भवन का निर्माण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में दो एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 23 जनवरी 2021 को किया था। नए भवन के निर्माण होने तक सेंटर के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। सेंटर द्वारा एग्री बायोटेक, हेल्थ केयर बायोटेक, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित वैल्यू ऐडेड प्रोडक्ट्स के कार्य किए जाएंगे।
बैठक में छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी सोसायटी के विभिन्न क्रियाकलापों की विस्तार से चर्चा की गई तथा विभिन्न प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर बैठक में कृषि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती डॉ. एम. गीता, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुआ, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अमृत खलखो, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति श्री एस.के. पाटिल, रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केशरी लाल वर्मा, वासुदेव चंद्राकार कामधेनू विश्वविद्यालय के कुलपति, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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