राज्य खेल अकादमी में बड़ा घोटाला: ट्रायल जीतने वाले एथलीट ऋतुराज बंजारे बाहर, पराजित को मिला हॉस्टल; खेल प्रशिक्षक पर पैसे ऐंठने के गंभीर आरोप

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर/सारंगढ़। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम (कोटा) स्थित राज्य खेल अकादमी में एथलीटों के चयन, प्रशिक्षण और वित्तीय लेन-देन में भारी गड़बड़ी व षड्यंत्र का मामला उजागर हुआ है। सारंगढ़ जिले के ग्राम गंगोरी टांडा (भटगांव) निवासी लंबी कूद (लॉन्ग जंप) के होनहार एथलीट ऋतुराज बंजारे ने खेल विभाग के अधिकारियों और प्रशिक्षकों पर पक्षपात, षड्यंत्र और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाते हुए उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक महोदया को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है

ट्रायल में जीत के बावजूद एथलीट बाहर, पराजित खिलाड़ी का हुआ चयन

पीड़ित एथलीट ऋतुराज बंजारे के अनुसार, 1 और 2 मई 2026 को राज्य खेल अकादमी में चयन ट्रायल का आयोजन किया गया था। ट्रायल के दौरान जिस खिलाड़ी (आदित्य निषाद) को ऋतुराज ने पराजित किया था, उसका चयन सिलेक्शन लिस्ट में कर लिया गया और उसे हॉस्टल सुविधा के साथ प्रशिक्षण दिया जाने लगा। इसके विपरीत, जीत हासिल करने के बावजूद ऋतुराज को अकादमी से बाहर कर दिया गया । जब एथलीट ने इस अन्याय पर आपत्ति जताई, तो खेल विभाग के अधिकारी गिरीश शुक्ला के माध्यम से षड्यंत्रपूर्वक लंबी कूद के बजाय दूसरे इवेंट (ट्रिपल जंप) के खिलाड़ी दुर्गेश कुशवाहा के साथ उनका दोबारा ट्रायल करा दिया गया। इस पुन:-ट्रायल का परिणाम भी आज तक सार्वजनिक या स्पष्ट नहीं किया गया है ।

खेल प्रशिक्षक हिमांशु चंद्राकर पर पैसे मांगने और ऐंठने का आरोप

शिकायती पत्र में वित्तीय अनियमितता और अवैध वसूली का भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एथलीट का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा उनके खाते में प्राप्त 5,000 रुपये की राशि में से 3,000 रुपये खेल प्रशिक्षक हिमांशु चंद्राकर द्वारा मांग लिए गए। पीड़ित ने 3,000 रुपये में से नगद राशि दी तथा 2,000 रुपये ऑनलाइन (फोन पे नंबर 6261639887) के जरिए ट्रांसफर किए, जो मीरा साहू (पिता कमलेश साहू) के नाम पर संचालित खाते में गए। आरोप है कि अन्य खिलाड़ियों (दुर्गेश कुशवाहा, तरुणा नेताम, जीया साहू) से भी इसी तरह पैसे ऐंठे गए हैं। जब खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत खेल संचालक मैडम के पास दर्ज कराई, तो तिलमिलाए प्रशिक्षक ने झूठे आरोप लगाकर उन्हें अकादमी से बाहर निकालवा दिया

5 महीने से न्याय के लिए भटक रहा खिलाड़ी, किराए के मकान में रहने को मजबूर

राजधानी रायपुर से लगभग 150 किलोमीटर दूर गांव के रहने वाले एथलीट ऋतुराज बंजारे पिछले 5 महीनों से मैदान से दूर हैं और न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। 22 जून 2026 को खेल संचालक को आवेदन देने के 116 से अधिक दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय उदासीनता के कारण खिलाड़ी को किराए के मकान में रहकर अभ्यास और पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे उसका खेल करियर और भविष्य दोनों दांव पर लग गए हैं

मंत्रियों से गुहार: निष्पक्ष जांच और खेल प्रशिक्षक की बर्खास्तगी की मांग

एथलीट ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और खेल संचालक को प्रेषित पत्र में मांग की है कि दोषी खेल प्रशिक्षक हिमांशु चंद्राकर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए तथा पीड़ित खिलाड़ी को राज्य खेल अकादमी में विधिवत प्रवेश व प्रशिक्षण की अनुमति दी जाए । पीड़ित एथलीट ने चेतावनी दी है कि यदि खिलाड़ियों की प्रतिभा का इस तरह गला घोंटा जाएगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा, तो अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश व प्रदेश की छवि धूमिल होगी ।

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