मुंगेली,:-. विगत दिवस संस्कृत भारती द्वारा ग्राम विचारपुर में संस्कृत विषय को लेकर प्रेरणात्मक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में व्याख्याता गणित के पी.के. घिर्रे, श्री टीकाराम अंचल जी एवं श्री सलीम राज जी की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर संस्कृत भारती संयोजक, जनपद मुंगेली डॉ. रामबाबू मिश्र ने संस्कृत भाषा एवं उसके महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं ज्ञान की समृद्ध परंपरा का आधार है। उन्होंने “संस्कृत, संस्कार और संसार—यही परिवार है” की भावना को समझाते हुए संस्कृत के “वसुधैव कुटुम्बकम्” भाव का उल्लेख किया।

डॉ. मिश्र ने बच्चों को संस्कृत विषय के अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि संस्कृत के अध्ययन से भाषा-ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों की समझ विकसित होती है। उन्होंने बच्चों को निरंतर अध्ययन करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान संस्कृत भाषा के अध्ययन, उपयोगिता एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी भूमिका पर भी चर्चा की गई। उपस्थित सभी सदस्यों ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों को संस्कृत से जोड़ने के लिए अपने विचार साझा किए।


