मुंगेली में एफएलएन के तहत स्कूलों का सघन एवं व्यापक निरीक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता किया परख

Jagdish Dewangan
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मुंगेली:- 25 सितंबर:- जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN – Foundational Literacy and Numeracy) को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज मुंगेली ब्लॉक में शिक्षा अधिकारियों द्वारा शासकीय प्राथमिक शालाओं का सघन एवं ताबड़तोड़ निरीक्षण किया गया….

जिला शिक्षा अधिकारी के मौखिक निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, बीआरजी,एवं संकुल समन्वयकों की टीम ने सुबह से ही अलग-अलग शालाओं में पहुँचकर औचक निरीक्षण किया….

हर बच्चे का किया गया आंकलन

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसी रजिस्टर की नहीं, बल्कि सीधे बच्चों की योग्यता की जाँच की…. कक्षा 1 से 3 तक के प्रत्येक विद्यार्थी से व्यक्तिगत रूप से पढ़वाया गया और बुनियादी दक्षताओं का आंकलन किया गया।

  1. साक्षरता (Literacy): बच्चा अक्षर पहचानता है या नहीं, शब्द पढ़ पा रहा है या नहीं, सरल वाक्य पढ़कर उसका अर्थ समझ पा रहा है या नहीं।
  2. संख्या ज्ञान (Numeracy): 1 से 99 तक संख्या पहचान, जोड़-घटाव की समझ, दैनिक जीवन में संख्याओं का उपयोग।

गुणवत्ता पर विशेष जोर

विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमति विमित्रा धृतलहरें ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि किसी भी हाल में प्रत्येक बच्चा बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान सीख जाए। यह निपुण भारत मिशन का मुख्य लक्ष्य है। यदि बच्चा तीसरी कक्षा तक पढ़ना-लिखना और सामान्य गणित नहीं सीख पाया तो आगे की शिक्षा अर्थहीन है।

जिन स्कूलों में बच्चों का स्तर कमजोर पाया गया, वहाँ शिक्षकों को मौके पर ही समझाइश दी गई और उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) के निर्देश दिए गए। प्रत्येक माह प्राप्त डाटा का परीक्षण उसका विश्लेषण संकुल समन्वयकों के समक्ष की जा रही है अतः वास्तविक एवं प्रमाणिक डाटा प्रेषित करें ताकि मौके पर आकलन के दौरान डाटा में सुधार दिखे ना की गिरावट..बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन FLN के प्रपत्र में दिए गए भाषा (हिंदी एवं अंग्रेजी) व गणित की दक्षताओं पर अनवरत रूप से की जा रही है जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं इस कार्य में विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा नियमित रूप से डाटा का विश्लेषण, बैठक एवं शाला निरीक्षण के दौरान बच्चों का आंकलन किया जा रहा है।

शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि –

  • प्रतिदिन भाषा (हिंदी एवं अंग्रेजी) और गणित के लिए अतिरिक्त कालखंड लें।
  • कमजोर बच्चों को चिन्हित कर अलग से अभ्यास कराएं।
  • एफ.एल.एन. की गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री (TLM) का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
  • पालकों से संपर्क कर घर पर भी बच्चों से पढ़ने-लिखने का अभ्यास कराएं।

बीआरसी उपाध्याय जी ने कहा कि “एफएलएन कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि मिशन है। अभ्यास पुस्तिका का नियमित उपयोग बच्चें करें….निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा और जहाँ लापरवाही मिलेगी, वहाँ कार्यवाही भी की जाएगी। हमारा लक्ष्य जिले के हर बच्चे को निपुण बनाना है।”

इस प्रकार निरंतर एवं सघन निरीक्षण के तहत प्राथमिक शाला – रोहरा, कोसमा, रामगढ़, बिरगाँव, घुठेरा सहित अन्य प्राथमिक विघालयों का निरिक्षण किया गया,,,, इससे शिक्षा व्यवस्था में कसावट एवं शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होने की आशा एवं उम्मीद दिखाई दे रही है…

निरिक्षण टीम में बीईओ घृतलहरे मेडम, बीआरसी उपाध्याय जी, बीआरजी प्रतिनिधि दुर्गेश देवांगन, रविकांतपुरी गोस्वामी, एवं संबंधित संकुल समन्वयक साथ रहे…..

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संपादक - जगदीश देवांगन