विश्व पर्यावरण दिवस: अमृत सरोवर बने जनजागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के केंद्र जिले के 119 अमृत सरोवरों में वृक्षारोपण, स्वच्छता, योग एवं जल संरक्षण गतिविधियों का हुआ आयोजन

Jagdish Dewangan
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मुंगेली, 05 जून 2026// विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में अमृत सरोवरों को पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में व्यापक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिले के अमृत सरोवर फेस-1 के 112 तथा फेस-2 के 07 सहित कुल 119 अमृत सरोवर स्थलों पर जनसहभागिता आधारित विविध गतिविधियां संपन्न हुईं। कार्यक्रमों के अंतर्गत अमृत सरोवरों एवं उनके जलग्रहण क्षेत्रों में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण गतिविधियां तथा पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास भी कराया गया। इन आयोजनों में स्थानीय समुदाय, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों एवं ग्रामीणों को वीबी-जी-रामजी एक्ट, 2025 के प्रमुख प्रावधानों तथा श्रमिक अधिकारों की जानकारी देने के लिए चौपाल एवं संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।


कलेक्टर ने कहा है कि अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के प्रभावी केंद्र भी हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित गतिविधियां जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि मनरेगा के तहत निर्मित अमृत सरोवर ग्रामीण क्षेत्रों में जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करते हैं तथा जल संरक्षण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। जिले के विकासखंड मुंगेली, लोरमी एवं पथरिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग का संकल्प लिया।

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संपादक - जगदीश देवांगन