बिलासपुर फैक्ट्री अग्निकांड: दो मजदूरों की मौत के बाद भी सवालों के घेरे में कार्रवाई, “रसूखदार रिश्तेदार” का आरोप

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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बिलासपुर।
सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड को कई दिन बीत जाने के बावजूद न्याय और जिम्मेदारी तय होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हादसे में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ अब तक सख्त वैधानिक कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश है।

रसूखदार रिश्तेदार होने का आरोप

स्थानीय लोगों और फैक्ट्री से जुड़े कर्मचारियों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक का एक करीबी रिश्तेदार शासन-प्रशासन में उच्च पद पर पदस्थ है, जिसके कारण मामले को दबाने और कार्रवाई को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
आरोप है कि यही वजह है कि

  • फैक्ट्री को अब तक सील नहीं किया गया
  • सुरक्षा मानकों की गंभीर जांच सार्वजनिक नहीं हुई
  • मालिक और प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक धाराएं नहीं जोड़ी गईं

सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनी मौत की वजह

हादसे के बाद सामने आया है कि फैक्ट्री में

  • ज्वलनशील तारपीन तेल और केमिकल का भंडारण तय मानकों के विपरीत था
  • आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद नहीं थे
  • मजदूरों को आपात स्थिति से निपटने का कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया था

स्थानीय मजदूरों का कहना है कि वे पहले भी कई बार सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रबंधन से शिकायत कर चुके थे, लेकिन मुनाफे के आगे मजदूरों की जान को नजरअंदाज किया गया

मौत के बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन पर नरमी

अग्निकांड में सुपरवाइजर और एक युवा मजदूर की मौत हो गई थी। इसके बावजूद न तो

  • फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी हुई
  • न ही औद्योगिक सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई

जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या कानून सबके लिए बराबर है या रसूखदारों के लिए अलग?

प्रशासन पर भी उठे सवाल

हादसे के बाद जिला प्रशासन और श्रम विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि

  • जांच केवल कागजों तक सीमित है
  • जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही
  • रिपोर्ट को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है

परिजनों और मजदूर संगठनों की मांग

मृतकों के परिजनों और श्रमिक संगठनों ने मांग की है कि—

  • फैक्ट्री मालिक और प्रबंधन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए
  • औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की स्वतंत्र जांच हो
  • मृतकों के परिवार को पर्याप्त मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए
  • रसूख और रिश्तेदारी से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई हो

आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कलेक्टरेट और औद्योगिक क्षेत्र में बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

यह मामला अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की निष्पक्षता की परीक्षा बन चुका है।


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