लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन 44 वें दिन भी जारी, सरकार पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read

पूर्व महापौर रामशरण यादव बोले— गरीबों के घर तोड़ना नियमविरोधी

बिलासपुर।
लिंगियाडीह बस्ती को उजाड़ने के विरोध में चल रहा लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन गुरुवार को अपने 44वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन के तहत आयोजित महाधरना स्थल पर सैकड़ों महिलाओं सहित बड़ी संख्या में नागरिक लगातार डटे हुए हैं

धरना स्थल पर पहुंचकर पूर्व महापौर रामशरण यादव, वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूज्य सिंधी समाज के अमर बजाज तथा सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद हफीज ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

पूर्व महापौर रामशरण यादव ने कहा कि गरीबों के घर उजाड़ना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि नियमों के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि लिंगियाडीह पहले एक गांव था और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय यहां विकास कार्यों के लिए कई प्रस्ताव स्वीकृत किए गए थे
उनका आरोप है कि वर्तमान सरकार द्वारा आवासीय घोषित क्षेत्र को उजाड़कर गार्डन या कमर्शियल परिसर बनाने की योजना बनाई जा रही है, जो निगम के मास्टर प्लान के विरुद्ध है।

“पहले पुनर्वास, फिर कोई कार्रवाई”— समाजसेवियों की मांग

वरिष्ठ समाजसेवी अमर बजाज ने कहा कि धरने में बैठी महिलाएं अपनी पीड़ा खुलकर व्यक्त कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक का रवैया पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशील नहीं है

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक लिंगियाडीह बस्ती के निवासियों को न्याय और सुरक्षित भविष्य की गारंटी नहीं मिलती, तब तक यह महाधरना जारी रहेगा।

वहीं मोहम्मद हफीज ने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए समुचित पुनर्वास और व्यवस्थापन की ठोस योजना नहीं बनती, तब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई अनुचित है। उन्होंने कहा कि शासन के रवैये के खिलाफ यह आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है

निगम प्रशासन पर उदासीनता का आरोप

आंदोलन से जुड़े साखन दरवे ने कहा कि 44 दिन बीत जाने के बावजूद नगर निगम प्रशासन ने अब तक धरना स्थल पर पहुंचकर लोगों की सुध नहीं ली है। उन्होंने मांग की कि लिंगियाडीह में रह रहे लोगों को न्याय मिलना चाहिए और उनकी बात शासन तक पहुंचाई जाए।

सर्वदलीय समर्थन, बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

इस सर्वदलीय महाधरना आंदोलन में यशोदा पाटिल, श्याम मूरत कौशिक, कुंती तिवारी, डॉ. रघु साहू, साखन दरवे, भोला राम साहू, प्रशांत मिश्रा, श्रवण दास मानिकपुरी, चतुर सिंह यादव, सिद्धार्थ भारती, डॉ. अशोक शर्मा, रूपेश साहू, ओंकार साहू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Share This Article