विधानसभा विधायक शैलेष पाण्डेय ने चर्चित नसबंदी कांड को लेकर सवाल पूछे

राजेन्द्र देवांगन
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विधानसभा विधायक शैलेष पाण्डेय ने चर्चित नसबंदी कांड को लेकर सवाल पूछे

विधायक शैलेष पाण्डेय ने पूछा कि क्या मंत्रीमहोदय यह बताने की कृपा करेंगे

बिलासपुर जिले के ग्राम पेडारी में नसबंदी शिविर नसबंदी शिविर कब लगाया गया था उस शिविर में नसबंदी के बाद कितने महिलाओं की मौत हुई थी और मृतक महिलाओं में मृत्यु का कारण क्या था

शासन द्वारा जांच में क्या पाया गया और दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई

स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव ने विधायक के प्रश्न पर बताया कि बिलासपुर जिले के ग्राम पेडारी में नसबंदी शिविर दिनांक 8 नवंबर 2014 को लगाया गया था।

उक्त शिविर में नसबंदी के बाद 12 महिलाओं की मृत्यु हुई थी

प्रकरण माननीय न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन है कारण स्पष्ट किया जाना संभव नहीं है।

श्री सिंहदेव ने विधायक शैलेष पाण्डेय के प्रश्न पर बताया कि वर्तमान में प्रकरण न्यायालय बिलासपुर के विचाराधीन है ।

शिविर में लापरवाही बरतने के कारण डा आर के भांगे तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर, डॉक्टर आरके गुप्ता एलटीटी सर्जन जिला चिकित्सालय बिलासपुर को सेवा से बर्खास्त किया गया

डॉ प्रमोद तिवारी खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतपुर तथा डॉक्टर के सी उरांव राज्य कार्यक्रम अधिकारी परिवार कल्याण को निलंबित किया गया था

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा औषधि निर्माता मेसर्स महावर फार्मा खम्हारडीह रायपुर को औषधि अनुज्ञप्ति को निरस्त किया गया

फर्म मैसर्स महावार फार्मा प्राइवेट लिमिटेड खम्हारडी ह रायपुर के संचालक रमेश महा वार एवं सुमित महावार के विरुद्ध थाना पंढरी रायपुर में उपरोक्त घटना के संबंध में प्रथम सूचना प्रतिवेदन 373 /14 दर्ज किया गया

महावर्र फार्मा लिमिटेड के डायरेक्टर रमेश महावार ,मेसर्स कविता लेबोर्ट्रिज तिफरा बिलासपुर के भागीदार राकेश खरे एवं राजेश खरे औषधि निरीक्षक बिलासपुर द्वारा प्रकरण जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में औषधि एवं प्रशासन अधिनियम 1940 की धारा 17 (बी)18 ए आई के अंतर्गत परिवाद प्रस्तुत किया गया है ।

मेसर्स महावार फार्मा वीआईपी रोड खम्हारदीह रायपुर को मैन्यू फेक्चरिंग

प्रैक्टिस सभी प्रमाण पत्र प्रदान करेने वाले तत्कालीन अनुज्ञापन पदाधिकारी को निलंबित किया गया था एवं उसके विरुद्ध विभागीय जांच अस्थित है

तथा विलंब से अभियोजन दायर करने के लिए विभाग द्वारा सहायक औषधि नियंत्रक एवं औषधि निरीक्षक को निलंबित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पेंडारी में भाजपा शासनकाल के दौरान नसबंदी शिविर में 12 से ज्यादा महिलाओ की मौत हुई थी तब प्रदेश शासन के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल थे ।

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