Bilaspur News: निस्तारी भूमि कैसे बदल गई निजी भूमि में, होगी जांच

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर कलेक्टर के निर्देश पर कोटा राजस्व अनुविभागीय अधिकारी ने निस्तार भूमि के संबंध में जांच शुरू कर दी है। कोटा तहसील में 507 में से 163 व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है। बेलगहना में 1545 में से 862 तथा रतनपुर में 210 में से 196 का प्रकरण दर्ज कर संबंधितों को नोटिस जारी किया जा रहा है। निस्तार पत्रक से पृथक होकर निजी भूमि स्वामी के रूप में दर्ज पक्षकारों से जानकारी लिया जायेगा कि निस्तार पत्रक में दर्ज भूमि, भूमिस्वामी हक में किस आदेश के तहत दर्ज किया गया है।

इसी तरह की कार्रवाई तखतपुर, मस्तुरी एवं बिल्हा के अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि निस्तार भूमि के अंतर्गत गांवों में चारागाह, घास भूमि, कब्रस्तान, श्मशान भूमि, गोठान, खलिहान, बाजार, खाद के गड्ढे, धरसा, तालाब आदि की भूमि शामिल हैं। ये गांव की सामूहिक उपयोग की भूमि होते हैं। किसी निजी व्यक्ति के भूमि स्वामी हक में इसे दर्ज नहीं किया जा सकता है।

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