Bilaspur High Court:सरकारी कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रिटायरमेंट के बाद नहीं होगी वेतन वसूली, आदेश को किया रद्द

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बिलासपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि रिटायरमेंट के बाद शासकीय कर्मचारियों से वेतन वसूली नहीं की जा सकती। कोर्ट ने पूर्व के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को आधार बनाकर याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध जारी वसूली आदेश को रद्द किया और संबंधित विभागों को वसूली गई राशि लौटाने का निर्देश दिया

सरकारी कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों से पूर्व में अधिक भुगतान किए गए वेतन की कोई भी वसूली नहीं की जा सकती।

जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी के रिटायरमेंट के एक साल पूर्व या उसके बाद वेतन वृद्धि में हुई गलती के आधार पर वेतन की वसूली नहीं होगी।

याचिकाकर्ताओं ने दी थी चुनौती

ताराचंद पटेल, सोहनलाल साहू, ग्रिगोरी तिर्की और टेल्सस एक्का ने इस मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के कुछ माह बाद संभागीय संयुक्त संचालक, बिलासपुर ने उनके खिलाफ वेतन वसूली का आदेश जारी कर दिया था। याचिकाकर्ताओं ने इसे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पूर्व के फैसलों का उल्लंघन बताया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2015 में स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीह केस और थॉमस डेनियल बनाम स्टेट ऑफ केरला केस में दिए गए फैसलों का हवाला दिया। इन फैसलों में स्पष्ट किया गया था कि रिटायरमेंट के बाद वेतन वसूली नहीं की जा सकती।

कोर्ट ने वसूली आदेश किया रद्द

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एके प्रसाद ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व में हुई वेतन गणना की किसी भी त्रुटि के कारण कर्मचारियों से वसूली नहीं की जा सकती। इसके साथ ही संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर कर्मचारियों से वसूली गई राशि लौटाने का निर्देश दिया।

रिटायरमेंट के बाद नहीं होगी वेतन वसूली, आदेश को किया रद्द

इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अक्सर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को गलत वेतन निर्धारण के कारण वेतन वसूली का सामना करना पड़ता है। हाई कोर्ट के इस फैसले से अब इस प्रकार की वसूली पर रोक लग गई है।

अब संभागीय संयुक्त संचालक, कोष-लेखा एवं पेंशन, बिलासपुर और पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ को निर्देश दिया गया है कि वे याचिकाकर्ताओं की राशि जल्द से जल्द लौटाएं।

Share This Article