छत्तीसगढ़ में ईडी की रेड कार्रवाई : पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू

राजेन्द्र देवांगन
6 Min Read
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की कार्रवाई से राजनीति गरमा गई है। पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। कांग्रेस ने कार्रवाई को भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया है।

वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि जहां गड़बड़ी होती है, वहां ईडी जांच करती है। कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन कर ईडी और भाजपा का पुतला दहन करने का निर्णय लिया है। ईडी ने आज बघेल के बेटे चैतन्य को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।

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कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लगाए आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सीडी मामले में कोर्ट से बरी होने के कारण भाजपा का षड़यंत्र बेनकाब पर भूपेश बघेल के घर ईडी को भेजा गया है। बघेल से भाजपा का डर नया नहीं हैं। जब वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे, तब भी भाजपा सरकार ने उनके पीछे राज्य की एजेंसियों को लगाकर रखा था।

कांग्रेस के अनुसार, बघेल के पैतृक गांव में खेत को नापने के लिए भरी बरसात में राजस्व का पूरा दल भेजा गया था। एक ड्राइवर के कथित बयान के आधार पर ईडी ने आधारहीन प्रेस नोट जारी कर महादेव एप मामले मे झूठा आरोप लगाया था।

कांग्रेस नेताओं के आरोप

सात साल पुराने सीडी कांड मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल निर्दोष साबित हो चुके हैं। कोर्ट ने सीबीआइ को फटकार भी लगाई है कि उनके ऊपर कोई केस नहीं बनता है। इससे चिढ़कर भाजपा ने ध्यान भटकाने के लिए ईडी को भेजा है। – देवेंद्र यादव, विधायक, भिलाई नगर

राज्य सरकार के खिलाफ जो बोलता है, उसके घर एजेंसियां पहुंच जा रही हैं। भूपेश बघेल प्रदेश की आवाज हैं, छापों से डराया नहीं जा सकता है। कांग्रेस नेताओं को डराने का काम किया जा रहा है। कांग्रेस आवाज उठाती रहेगी। – अमरजीत भगत, पूर्व मंत्री, कांग्रेस

भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाए जाने के बाद जिस प्रकार से कांग्रेस के पक्ष में राजनैतिक वातावरण बना है, उससे भाजपा डरी हुई है। पिछले सप्ताह ही भाजपा और सीबीआइ का एक षड्यंत्र अदालत में धाराशाई हुआ है। इससे भाजपा बौखला कर ईडी को भेजा है। – दीपक बैज, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी

 

पूर्व मुख्यमंत्री के यहां ईडी का छापा स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की मंशा को उजागर करता है। भाजपा ईडी, सीबीआइ जैसी एजेंसियों को विपक्ष के नेताओं को डराने और दबाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। एजेंसियों का दुरुपयोग अब एक सुनियोजित ढर्रा बन चुका है। लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को कुचलने और धमकाने वाली राजनीति अब एक पैटर्न बन गई है जो लोकतंत्र के लिए भी खतरा साबित हो रही है। – सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी

भाजपा नेताओं का पलटवार

जब भी इस तरह की बात होती है, तो कांग्रेस का रटारटाया आरोप है। इस बात से कैसे इन्कार किया जा सकता है कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में बड़े-बड़े घोटाले हुए हैं। ईडी की कार्रवाई लंबे समय से चल रही है। अचानक आज कोई कार्रवाई की गई है, ऐसा नही है। जांच में उन्हें कोई साक्ष्य मिला होगा और उसके आधार पर कार्रवाई की है। यदि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है तो इसमें कोई डरने की या घबराने की बात नहीं होनी चाहिए। – अरूण साव, उपमुख्यमंत्री

ईडी ने संवैधानिक अधिकारों के तहत कार्रवाई की है। जो साक्ष्य मिले हैं, उनके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। ईडी की कार्रवाई का विधानसभा के प्रश्नों से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस का आरोप निराधार है। – रामविचार नेताम, कृषि मंत्री

ईडी का मामला बहुत समय से चल रहा है। यह बात सही है कि कांग्रेस के शासनकाल में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। ईडी स्वतंत्र जांच एजेंसी है, जो सोर्स के आधार पर कार्रवाई करती है। किसी किस्म का दोष पाया जाएगा तो निश्चित दोषी करार होंगे। कुछ नहीं किया हो तो डर नहीं होना चाहिए।- किरण सिंह देव, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा

कांग्रेस अपनी गलती छिपाने के लिए विधानसभा की कार्यवाही को बाधित कर रही है। यदि भूपेश बघेल पाक साफ हैं, तो कांग्रेस में घबराहट क्यों है। यदि कांग्रेस को कोई डर या घबराहट नहीं है तो उन्हें सदन में विरोध-प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं थी। – राजेश मूणत, विधायक, भाजपा

  • पूरा देश जानता है कि पिछले पांच सालों में माफिया राज चला और बड़े-बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। यह पूरे प्रदेश के लिए दुर्भाग्यजनक था कि गांधी परिवार के लिए पूरे राज्य को एटीएम बना दिया गया था। विधानसभा में कांग्रेस के सभी नेता सवाल पूछते और ध्यानाकर्षण लगाते हैं। कार्रवाई तो उनपर होगी, जिन्होंने घाेटालों को अंजाम दिया है। आज उनपर ही कार्रवाई हो रही है, जिन्होंने घोटालों को अंजाम दिया है। ईडी की जो भी काईवाई होती है, वह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होता है। साक्ष्यों के आधार पर निर्णय होते हैं। अनर्गल आरोप लगाना विपक्ष को शोभा नहीं देता। जो जेल के पीछे हैं उन्हें जमानत नही मिल रही है। – ओपी चौधरी, वित्त मंत्री
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