प्रयागराज सड़क हादसे से कोरबा में मचा कोहराम, एक साथ उठीं छह अर्थियां

राजेन्द्र देवांगन
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श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने मृतकों के परिवारों को दी एक लाख रुपये की सहायता

कोरबा, छत्तीसगढ़: प्रयागराज में हुए भीषण सड़क हादसे ने कोरबा जिले में गहरा शोक उत्पन्न कर दिया। महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज गए 10 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जब उनके शव कोरबा पहुंचे, तो गांवों में मातम छा गया। दो दिन बाद शवों की घर-घर वापसी के साथ ही परिजनों की चीखें और आंसू सुनकर पूरा इलाका गमगीन हो गया।

कोरबा के कलमीडुगु गांव में छह शवों का अंतिम संस्कार
कलमीडुगु गांव में एक साथ छह अर्थियां उठीं, जिनमें पिता-पुत्र और जीजा-साले सहित कई रिश्तेदार थे। शवयात्रा में पूरा गांव शामिल हुआ, और हर आंख नम हो गई। इस दुःख भरे माहौल में सभी ने अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई दी।

छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री ने दी एक लाख रुपये की सहायता
छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन सहित भाजपा और कांग्रेस के नेता पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे और उनके साथ संवेदनाएं व्यक्त कीं। मंत्री देवांगन ने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि देने की घोषणा की और मुख्यमंत्री से अतिरिक्त सहायता की मांग करने का भी आश्वासन दिया।

मृतकों के नाम और अंतिम संस्कार की जानकारी
मृतकों में संतोष सोनी (54), भागीरथी जायसवाल (47), सौरभ सोनी (26), शिवा राजपूत (62), गंगादास वर्मा (53), राजू साहू (38), दीपक वर्मा (28), सोमनाथ यादव (27), ईश्वरी जायसवाल (45) और अजय बंजारे (35) शामिल हैं। इनमें से 7 मृतकों का अंतिम संस्कार कोरबा में किया गया, जबकि बाकी के शव उनके गृहग्राम जांजगीर-चंपा और मस्तूरी भेजे गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

कोरबा में शोक की लहर, मृतकों के परिवारों के साथ खड़ा है समाज
कोरबा के शोकाकुल परिवारों के साथ संजीवनी देने के लिए नई मेयर संजू देवी राजपूत भी पीड़ितों से मिलने पहुंचीं और उन्हें ढांढस बंधाया। कोरबा का समाज इस कठिन समय में मृतकों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।

 

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