5 किलो ‘कुबेर लड्डू’ की ऐतिहासिक नीलामी, 2.31 लाख में बिका – रायपुर के व्यापारी आत्मबोध अग्रवाल ने मारी बाजी

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 5 किलो वजनी ‘कुबेर लड्डू’ की नीलामी 2 लाख 31 हजार रुपए में हुई। इस लड्डू को सबसे ऊंची बोली लगाकर रायपुर के व्यवसायी आत्मबोध अग्रवाल ने खरीदा। यह अनूठी नीलामी रायपुर के डीडीयू नगर स्थित शबरी कन्या आश्रम में संपन्न हुई, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों से आई जनजातीय बच्चियों की शिक्षा और पोषण के लिए फंड एकत्र करना है।

32 वर्षों से चल रही है परंपरा

शबरी कन्या आश्रम में लड्डू नीलामी की यह परंपरा 1993 में शुरू हुई थी, जो लगातार 32 वर्षों से चली आ रही है। हर साल मकर संक्रांति के बाद पड़ने वाले रविवार को इस नीलामी का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में 80 लोगों ने भाग लिया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।

पूर्वोत्तर राज्यों की बच्चियों के लिए जुटाए जाते हैं फंड

शबरी कन्या आश्रम में नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश से आईं बच्चियों को शिक्षा प्रदान की जाती है। अब तक 2,000 बच्चियां यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं, जबकि वर्तमान में 43 बच्चियां आश्रम में रह रही हैं। समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन के अनुसार, “लड्डू नीलामी से प्राप्त राशि बच्चियों की शिक्षा, रहन-सहन और भोजन पर खर्च की जाती है। यह परंपरा आश्रम की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वनवासी विकास समिति द्वारा शुरू की गई थी।”

नीलामी में भाग लेने वालों को मिलती है आयकर में छूट

लड्डू खरीदने वाले को आयकर छूट का लाभ भी मिलता है, जिससे इस नीलामी में लोगों की सहभागिता और रुचि बढ़ती है। इस वर्ष की नीलामी में स्थानीय व्यापारी, समाजसेवी और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जनजातीय बच्चियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए योगदान दिया।

Share This Article