छत्तीसगढ़ नक्सल अटैक: बीजापुर में एक बार फिर नक्सलियों का बड़ा हमला, IED धमाके में 2 जवान घायल, रायपुर किया रेफर

राजेन्द्र देवांगन
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बीजापुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के बासागुड़ा थाना के अंतर्गत पुतकेल के जंगल में आईईडी ब्लास्ट हुआ है. घटना आज सुबह की है. बीजापुर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पुतकेल कैंप से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) 229 और कोबरा की ज्वाइंट फोर्स एरिया डॉमिनेशन ड्यूटी पर निकली थी. सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के लगाए गए प्रेशर IED में ब्लास्ट हो गया. जिससे दो जवानों को चोट आई है.

घायल जवानों को किया जा रहा रायपुर रेफर: बीजापुर पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोबरा 206वीं बटालियन के घायल कांस्टेबल मृदुल बर्मन और मोहम्मद इशाक को बासागुड़ा सीआरपीएफ शिविर में इलाज के लिए भेजा गया. दोनों को प्रारंभिक उपचार दिया गया. दोनों खतरे से बाहर हैं. दोनों जवानों को बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर के एक अस्पताल में रेफर किया गया है.

साल 2025 शुरू होते ही बस्तर संभाग के अलग अलग नक्सल प्रभावित जिलों में आईईडी ब्लास्ट की घटनाएं सामने आ रही है. सोमवार को सुकमा में एक 10 साल की बच्ची खेलते खेलते आईईडी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई. इससे पहले बीते शनिवार को बीजापुर में एरिया डॉमिनेशन पर निकले जवान का पैर आईईडी पर पड़ गया, जिससे जवान गंभीर घायल हो गया. एयर एंबुलेंस से जवान को रायपुर इलाज के लिए भेजा गया था.

बस्तर में हाल ही में आईईडी विस्फोट और IED बरामद की घटनाएं:

1 जनवरी: सुरक्षा कर्मियों ने बीजापुर जिले के विभिन्न स्थानों से नक्सलियों द्वारा लगाए गए 10 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किए. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 168वीं बटालियन की एक टीम और पुलिस ने रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) अभ्यास के दौरान बासागुड़ा पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत तिमापुर में एक मंदिर के पास सड़क के नीचे रखे गए आठ आईईडी बरामद किए, जिनमें से प्रत्येक का वजन 1 किलोग्राम था.

6 जनवरी: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक वाहन को आईईडी विस्फोटक कर उड़ा दिया, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के आठ जवान और एक नागरिक चालक की मौत हो गई.


6 जनवरी: सीआरपीएफ ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में लगभग 20-22 किलोग्राम वजनी एक आईईडी बरामद किया और उसे निष्क्रिय कर दिया. इससे करीब सात घंटे पहले नक्सलियों ने जिले में 50 किमी दूर एक सुरक्षा वाहन को तीन गुना अधिक मात्रा में विस्फोटक के साथ उड़ा दिया था.


7 जनवरी: बीजापुर में एक विस्फोट में आठ पुलिसकर्मियों और एक नागरिक चालक के मारे जाने के एक दिन बाद, सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादियों द्वारा लगाए गए 10 किलोग्राम इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण (आईईडी) बरामद किया. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जिला पुलिस की एक टीम को कोंटा-गोलापल्ली रोड पर बेलपोचा गांव के पास आईईडी मिला. डी-माइनिंग अभ्यास के दौरान, सुरक्षा कर्मियों ने सड़क के नीचे लगाए गए आईईडी को देखा और एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया.

9 जनवरी: सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किए. आवापल्ली पुलिस स्टेशन की सीमा में मुरदंडा ट्रैक से आईईडी का पता तब चला, जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 229वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) और डिमाइनिंग ड्यूटी पर थी.

11 जनवरी: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों द्वारा लगाए गए चार आईईडी बरामद किए गए.

12 जनवरी: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. जांगला के पास जैगुर गांव के जंगल में शाम पांच बजे जब जिला रिजर्व गार्ड और कुटरू पुलिस स्टेशन के जवान एरिया डॉमिनेशन पर निकले थे, तब IED ब्लास्ट की चपेट में आ गए थे

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