छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक राहत, फिर बढ़ेगी ठंड

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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समुद्र से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में ठंड से कुछ राहत मिली है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से प्रदेश में बादल और बारिश के हालात बने हुए हैं। नमी के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, अगले दो दिनों के बाद मौसम साफ होते ही ठंड फिर से बढ़ने की संभावना है।

तापमान की स्थिति

  • रायपुर: शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक था। अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक था।
  • बलरामपुर: न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा।
  • बस्तर संभाग: नारायणपुर में रात का तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.7 डिग्री अधिक था। बीजापुर में 21.9 डिग्री और दंतेवाड़ा में 21.1 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
  • मैनपाट: कड़ाके की ठंड के कारण ओस जमने से फसलों को नुकसान हुआ।

बस्तर संभाग में बारिश की संभावना

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में बारिश के आसार जताए गए हैं। इस क्षेत्र में नमी के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री तक बढ़ गया है।

कोहरा और धुंध

  • अंबिकापुर: सुबह घना कोहरा छाया रहा।
  • राजनांदगांव: आऊटर इलाके में सुबह 7 बजे तक धुंध छाई रही।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों तक ठंड में वृद्धि की संभावना नहीं है। सोमवार और मंगलवार से मौसम साफ होने के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड बढ़ सकती है।

ओस के कारण फसलें प्रभावित

मैनपाट में कड़ाके की ठंड के कारण पत्तियों पर जमी ओस से टाऊ की फसल खराब हो गई है। वहीं, बलरामपुर में खुले मैदानों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं।

नमी का प्रभाव

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी प्रदेश में आ रही है। इस वजह से रात के तापमान में वृद्धि हुई है। हालांकि, जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा, तापमान में गिरावट आएगी।

सुझाव

  • ठंड के मद्देनजर लोगों को गर्म कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
  • सुबह और रात के समय अलाव जलाकर ठंड से बचाव किया जा सकता है।
  • किसान फसलों को ओस और पाले से बचाने के लिए उपाय करें।
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