शीतकालीन सत्र का समापन: कांग्रेस सरकार से पूछेगी 59 सवाल, स्थगन प्रस्ताव में छात्राओं और कानून-व्यवस्था का मुद्दा

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र: अंतिम दिन विपक्ष का हंगामा संभावित, 59 मुद्दों पर होगी चर्चा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन है। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ तीखे तेवर अपना लिए हैं और 59 महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए विभिन्न मुद्दों को उठाने की तैयारी की है। कानून व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा, फर्जी नक्सल एनकाउंटर और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर सदन में गहमागहमी होने की संभावना है।

कानून व्यवस्था पर बहस और स्थगन प्रस्ताव

प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और फर्जी नक्सल एनकाउंटर को लेकर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लाने वाली है। विपक्ष ने प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। नारायणपुर जिले के ओरछा के एकलव्य हॉस्टल में छात्राओं को शौचालय में सुलाने का मामला विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रहेगा।

छात्राओं की सुरक्षा और सरकारी आश्रमों का मुद्दा

सरकारी आश्रम और छात्रावासों में बच्चियों की मौत, शोषण और अव्यवस्थाओं के मामलों ने विपक्ष को आक्रामक बना दिया है। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने इन घटनाओं पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में उठेंगे ये अहम मुद्दे

सत्र के आखिरी दिन 59 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और वन अधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं:

  • स्वास्थ्य क्षेत्र: विधायक धरमलाल कौशिक ने दवा खरीदी में अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं।
  • कृषि और वनाधिकार: राजीव गांधी किसान न्याय योजना में खर्च और किसानों को हुए लाभ का विवरण मांगा गया है। अंबिका मरकाम ने वनाधिकार पट्टों के वितरण में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं।
  • चिटफंड घोटाला: महिला समितियों से ठगी का मुद्दा पूर्व मंत्री उमेश पटेल और अन्य विधायकों द्वारा उठाया जाएगा।
  • सामाजिक सुरक्षा: इंद्रशाह मंडावी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आपत्ति जताई है।

विपक्ष का सरकार पर हमला

कानून व्यवस्था पर चर्चा के दौरान सूरजपुर के डबल मर्डर, दंतेवाड़ा के आंखफोड़वा कांड और हाथियों के आतंक जैसे गंभीर विषय उठाए जाएंगे। इसके अलावा, शराब की अवैध बिक्री और धान खरीदी में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा।

वित्त और अन्य विभागों से जुड़े सवाल

प्रश्नकाल के दौरान आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों से जुड़े सवाल सदन में रखे जाएंगे।

संभावित हंगामे की तैयारी

सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी कर ली है। छात्राओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में अनियमितता जैसे मुद्दों पर जमकर हंगामा होने की संभावना है।

आज के सत्र के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार विपक्ष के सवालों का किस प्रकार जवाब देती है और प्रदेश के नागरिकों को इस चर्चा से क्या संदेश मिलता है।

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