कुसमुंडा कोल खदान में आग का कहर: एक हफ्ते से बुझाने के प्रयास, धुएं से लोगों का जनजीवन प्रभावित

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

कुसमुंडा कोल खदान में एक सप्ताह से लगी आग, धुएं से स्थानीय लोग परेशान

छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा खदान में पिछले एक सप्ताह से कोयले के ढेर में आग धधक रही है। आग बुझाने के लिए कई टैंकर पानी इस्तेमाल किया जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है।

SECL के अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के लिए विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है। हालांकि आग के कारण कोयले की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, लेकिन उत्पादन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। आग के कारण लगातार उठ रहे धुएं से स्थानीय लोग परेशान हैं। उनके घरों में धुआं और कोयले की गंध भर रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं।

आग पर काबू पाने के लिए SECL के दमकल वाहन और आसपास के पानी के स्रोतों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बावजूद इसके, मंगलवार तक आग पूरी तरह बुझ नहीं पाई। अधिकारियों ने बताया कि आग किन परिस्थितियों में लगी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

इस घटना से इलाके में वायु प्रदूषण भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धुएं और गंध के कारण सांस लेने में परेशानी हो रही है। प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान निकालने की मांग की जा रही है।

Share This Article