सिंहदेव बोले-बीजेपी में जो है वो कांग्रेस में नहीं: पूर्व डिप्टी सीएम-कांग्रेस की कमियों,आकलन की जरूरत, 72 से 35 सीटों पर क्यों आ गए?

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने चुनावों में लगातार कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी पार्टी के अंदर की कमियां बताई हैं, सिंहदेव ने कहा कि पार्टी में कमियां तो हैं, कहीं कहीं ज्यादा कमियां भी है इन कमियों के आंकलन की जरूरत है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने कहा हमें यह जानना पड़ेगा कि हम हार क्यों रहे हैं?72 से 35 सीटों पर क्यों आ गए?सिंहदेव ने कहा हम 72 से 35 सीटों पर क्यों आ गए? हम लोकसभा की भी सीट जीत सकते थे लेकिन नही जीत पाए।

इसलिए कमियां है आंकलन करना होगा। समीक्षा भी हुई है लेकिन अब उस पर अमल करने की जरूरत है। बीजेपी में जो है वो कांग्रेस में नहीं है।कांग्रेस में एक्सरसाइज की जरूरत है। कांग्रेस लोगो की पार्टी है लेकिन कैडर हमारे यहां नही है।

भाजपा सरकार में समन्वित निर्णय नही हो रहा है।हॉर्स ट्रेडिंग भाजपा का काम भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर लगा हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया लगाया है, चंद्राकर के आरोपों पर टी एस ने कहा नगरीय निकाय का चुनाव डायरेक्ट है। तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी डायरेक्ट चुनना चाहिए।

यदि हॉर्स ट्रेडिंग का डर यहां है तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री चुनने में भी हो सकता है।आजकल एक बहुत चलन में है ऑपरेशन लोटस ये जो आयाराम, गयाराम की स्थिति है इस पर सख्त कानून बनाना चाहिए। यदि कोई ऐसे दूसरी पार्टी में शिफ्ट हो तो एक निश्चित समय तक चुनाव लड़ने नहीं देना चाहिए।

निकाय चुनाव के लिए आरक्षण पर कन्फ्यूजन निकाय चुनाव को लेकर सिंहदेव ने कहा सभी ने अपनी अपनी तरह से तैयारी कर ली है लेकिन आरक्षण वैसे निर्धारित नहीं हुई है। एस सी सीट में यह तय नहीं की प्रतिशत से ही तय करेंगे,ओ बी सी की स्थिति कैसी,एक बार यह स्थिति तय हो जाए तब प्रत्याशी तय होगा।

धान खरीदी में लगातार कमियां पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव धान खरीदी को लेकर कहा उसमें कुछ कमियां है, एक मुश्त राशि नहीं जा रही है। दूसरी बोरों की परेशानी थी, टोकन की भी परेशानी थी। अभी 15 प्रतिशत तक खरीदी हुई है, वन अधिकार पत्र के किसानों का धान नहीं लिया जा रहा है।तौल 40.7 किलो लेने की थी लेकिन दो में तो 40.8, दूसरे में 48 किलो आया तौल में, याने की ज्यादा धान ले रहे हैं। बड़ी कमी सारा धान खरीदी केंद्रों में है। मीलर्स के यहां नहीं जा रहा है।

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