कृषि बिल के विरोध में
युवा कांग्रेस का हल्ला बोल
विरोध प्रदर्शन
पीएम मोदी के खिलाफ लगाए नारे

राजेन्द्र देवांगन
5 Min Read
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29-सितंबर,2020

बिलासपुर-{सवितर्क न्यूज़} युवा कांग्रेस ने आज किसान विरोधी बिल का विरोध करते हुए नेहरू चौक में प्रदर्शन किया केंद्र के कृषि बिल को किसान विरोधी बिल बताते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव जावेद मेमन की अगवाई में नेहरू चौक पर युवक कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा किसान बिल वापस लेने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा काले गुब्बारे में उड़ा कर विरोध जताया आज युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव जावेद मेमन की अगुवाई में युवक कांग्रेस ने नेहरू चौक पर पैदल मार्च करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया यूका के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेहरू चौक पर आज काले गुब्बारे में पीएम का मुखौटा लगाकर हवा में उड़ा कर किसान विरोधी बिल को वापस लेने की मांग की आग लगते ही प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता जहां रायपुर में पैदल मार्च निकाल रहे हैं वहीं युवक कांग्रेस ने नेहरू चौक पर प्रदर्शन किया जावेद मेमन ने कहा है कि केंद्र सरकार के खिलाफ पूरे देश में किसान आक्रोशित है 15 राज्यों में किसान सड़क पर उतरे हैं सभी किसान इसे किसानों के हित में बिल्कुल नहीं मान रहे हैं और मोदी सरकार के इस बिल को उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बिल बता रहे हैं प्रदेश कांग्रेस ने भी आज पूरे जिले में प्रदर्शन किया युवक कांग्रेस ने नेहरू चौक पर आंदोलन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया
प्रदेश सचिव जावेद
मेमन ने कहा है कि मोदी सरकार के द्वारा लाए गये तीन नए अध्यादेश में किसानो को पूंजीपति बनाने की योजना नहीं दिख रही है बल्कि किसानों को चंद पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनाने की स्पष्ट तैयारी नज़र आ रही है। मोदी सरकार के किसान विरोधी अध्यादेश को वही लोग जायज़ एवं सही ठहरा रहे हैं जो अडानी, अम्बानी जैसे पूंजीपतियों के बिचौलिए हैं।
जावेद मेमन,अमितेश राय, शेरु अशलम, गोपाल दुबे,वशीम खान, रिजवान खान,रिऋ कश्यप, अखतर खान, आदित्य बीडीका, अमन घौरे, संतोष महराज ने कहा है कि बीते 6 साल से मोदी भाजपा सरकार, छत्तीसगढ़ ही नहीं देशभर के युवाओं किसानों के साथ छल कर रही है। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का वादा कर सत्ता में बैठी मोदी सरकार ने 6 साल में किसानों से किए वादों को पूरा नहीं किया। सस्ता डीज़ल,सस्ती रासायनिक खाद और उत्तम क्वालिटी के बीज सहित किसानों की आय दुगनी करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। अब मोदी सरकार के द्वारा लाए गए तीन काले कानून किसानों के लिए काला पानी की सज़ा का फ़रमान है, जिसमें किसान तो सिर्फ फसल उगायेगा और फायदा पूँजीपति को मिलेगा। ये अध्यादेश भारत के अन्नदाता एवं एक अरब तैंतीस करोड़ जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा के एमएसपी का मतलब किसानों को उपज का मिनिमम सपोर्ट प्राइज़ नहीं बल्कि पूंजीपतियों के लिए मैक्सिमम सपोर्ट इन प्रॉफिट है।
जावेद मेमन,अमितेश राय.शेरु अशलम, वशिम खान ने मोदी सरकार के काले अध्यादेश का विरोध कर रहे लोगों को किसान नहीं होने का दावा कर रहे भाजपा नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि पूंजीपतियों के बिचौलियों को किसानों की पहचान ही नहीं है। पूरे भारत में किसान, मोदी सरकार के नए अध्यादेश के खिलाफ खड़े हुए हैं। असल मायने में किसान विरोधी अध्यादेश को सही ठहराने वाले भाजपा नेता, कृषि के बारे में जानते ही नहीं है।छ.ग. में 15 साल के भाजपा शासनकाल के दौरान किसानों पर हुए अत्याचार, किसानों की आत्महत्या की घटना और किसानों की फसल बर्बाद होने पर भी रमन सरकार की तारीफ करने में जुटे भाजपा नेता किसानों के प्रति संवेदनहीन हो चुकें हैं।भाजपा,आरएसएस के एजेंडे को पूरा करने में जुटी है जिसका मानना है कि देश के विकास के लिए पूंजीपति ही सक्षम और महत्वपूर्ण वर्ग है। जबकि भारतवर्ष अनादि काल से एक सक्षम एवं समर्थ कृषि प्रधान देश के रुप में वैश्विक परिवेश में सम्मानित होता रहा है। भाजपा सरकार किसान विरोधी बिल वापस नही लेती जबतक युवा कांग्रेस विरोध प्रदेश करते रहेगी।

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