कोलकाता रेप-मर्डर केस: कब और कैसे हुई महिला डॉक्टर की मौत? CBI की चार्जशीट में कई बड़े खुलासे

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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कोलकाता रेप-मर्डर केस में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल में महिला ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में सीबीआई ने लगभग दो महीने जांच करने के बाद आज कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की है। टेक्निकल एविडेन्स, चश्मदीदों के बयान और फ़ॉरेंसिक एविडेन्स के साथ मुख्य आरोपी संजय रॉय के खिलाफ रेप और हत्या मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की गई है।

आपको बता दें कि महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में कलकत्ता पुलिस ने 10 अगस्त सुबह 10 बजे संजय रॉय को गिरफ्तार किया था।

संजय रॉय के शरीर पर चोट के निशान

कलकत्ता पुलिस ने 9 अगस्त को इस केस की जांच शुरू की थी और 14 अगस्त को सीबीआई ने केस टेकओवर कर लिया था। मेडिकल एग्जामिनेशन के दौरान संजय रॉय के लेफ्ट चिक, लेफ्ट हैंड, उंगली और थाई के बैक में चोट पाई गई थी। कलकत्ता पुलिस ने संजय रॉय के कपड़े और हेलमेट बरामद किया था। मामले में सीबीआई ने 45 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए थे और 10 लोगो के पॉलीग्राफी टेस्ट कंडक्ट किए थे।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा था आरोपी संजय

सीसीटीवी फुटेज में संजय रॉय की क्राइम सीन पर मौजूदगी देखी गई थी और उसके सीडीआर से भी उसकी लोकेशन पता लगाई गई थी। सीबीआई में अस्पताल और आसपास के इलाकों की पूरी सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया था। फुटेज में 3 बजकर 42 मिनट सुबह संजय रॉय को अस्पताल में एंट्री करते और बाइक पार्क करते देखा गया था। 3 बजकर 48 मिनट सुबह उसको इमरजेंसी बिल्डिंग के रैंप पर देखा गया था। वहीं, 4 बजकर 3 मिनट पर संजय रॉय को तीसरे फ्लोर के कॉरिडोर, क्राइम सीन के नजदीक देखा गया था। इसके बाद 4 बजकर 37 मिनट पर संजय रॉय ने बाइक से अस्पताल को छोड़ दिया था।

कब हुई थी महिला डॉक्टर की मौत?

विक्टिम जूनियर डॉक्टर अपने 4 सहयोगियों के साथ 8-9 अगस्त को रात सेमिनार में थी। इन्होंने खाने के लिए फूड ऐप से खाना ऑडर किया था। ट्रेनी डॉक्टर के एक कलीग ने आखिरी बार विक्टिम को 3 बजे देखा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत का समय सुबह 4 बजे था। पीड़िता की बॉडी पर 7 चोट के निशान थे, गर्दन पर चोट के निशान थे, गला दबाने और दम घुटने से मौत का कारण बताया गया था।

आरोपी को बचाने के लिए साजिश का शक

आरोपी संजय रॉय का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया गया था। नार्को टेस्ट ब्रेन मैपिंग के लिए उसने कोर्ट में मना कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने फार्मर प्रिंसिपल सन्दीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के ऑफिसर इंचार्ज अभिजीत मंडल को रेप एंड हत्या मामले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने कोर्ट को इन दोनों आरोपियों के फोन कॉल्स की डिटेल्स के बारे में जानकारी दी थी और बताया था कि मुख्य आरोपी को बचाने के लिए आपराधिक साजिश रची हो इसकी संभावना है।

जल्द सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल होगी

चार्जशीट में कहा गया है कि दोनों आरोपियों ने जल्दबाजी में बॉडी का क्रिमेशन करवा दिया था जबकि परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की थी। ये सभी बातें सीबीआई ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में दी थी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की जांच इस केस में लगातार जारी है और जल्द इस केस में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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