आठ माह की प्रिग्नेंट युवती को दवाएं खिला कराया एबार्सन, पढ़ें पूरी खबर

राजेन्द्र देवांगन
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कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया अपराधसरगुजा जिले के लखनपुर थानाक्षेत्र की 24 वर्षीय युवती को प्रेमी के परिजनों ने जबरदस्ती एबार्सन की गोलियां खिला दीं। युवती आठ माह की प्रिग्नेंट थी। एबार्सन होने के बाद युवती के बच्चे को भी परिजनों ने मृत बताकर कहीं दफन कर दिया।

युवती ने मामले की शिकायत.जानकारी के मुताबिक, लखनपुर थानाक्षेत्र की 24 वर्षीय युवती का प्रेम संबंध ग्राम मलगवां खुर्द निवासी मनीष यादव से था। मनीष यादव शादी का झांसा देकर 2022 से उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था। इससे युवती 8 माह की प्रिग्नेंट हो गई। इसकी जानकारी मनीष यादव के मामा सहित अन्य परिजनों को मिलने पर उन्होंने एबार्सन कराने के लिए दबाव बनाया एवं युवती को धमकी दी।

किराए के मकान में रखा कैद, एबार्सन का दबाव बनाया ग्राम मलगवां खुर्द के उपसरपंच कृष्णा यादव, संतोष यादव एवं पार्वती यादव के परिवार के सदस्य मनीष यादव शादी का झांसा देकर उसके साथ 17 सितम्बर 2022 से लगातार शारीरिक संबंध बना रहा था, जिस कारण वह 8 माह की प्रिग्नेंट हो गई थी।

इसकी जानकारी आरोपी युवक के मामा सहित अन्य को मिलने पर उनके द्वारा लगातार एबार्सन कराने धमकी दी जा रही थी।गर्भस्थ शिशु को नहीं रखने पर ही उसका विवाह मनीष यादव से कराने का भरोसा युवती को दिलाया। परिजनों ने इस बीच मनीष यादव का विवाह दूसरी युवती से करा दिया।जबरदस्ती खिलाई एबार्सन की दवा युवती ने सरगुजा एसपी को की गई शिकायत में बताया कि उपसरपंच कृष्णा यादव, संतोष यादव एवं पार्वती यादव उसे 01 जुलाई को सुबह 8 बजे सोनोग्राफी कराने के बहाने अपने साथ ले गए और इधर-उधर घूमाने के बाद दोपहर एक बजे अपने घर में ले गए। वहां उसे एबार्सन की 3 गोली जोर जबरदस्ती खिला दिया।

संतोष यादव ने एबार्सन की तीन गोली उसके मुंह में रखा और कृष्णा यादव ने स्प्राइट पिला दिया।दूसरे दिन सोनोग्राफी कराने का भरोसा देकर उसे सुला दिया। युवती कृष्णा यादव के मकान मलगवां खुर्द में रात भर रही। रात में उसके पेट में काफी दर्द हुआ और सुबह प्रसव हो गया।नवजात को ले गए, बाद में बताया मृत युवती ने कहा कि उसने बच्चे को हिलते-डुलते देखा, परंतु दर्द से अचेत हो गई। इनके द्वारा मोबाइल फोन में नवजात का फोटो भी खींचा गया था और बच्चे को वेंटीलेटर में रखना बताकर उपसरपंच सहित तीनों आरोपी नवजात शिशु को लेकर चले गए।

जंगली जड़ी-बूटी से इलाज के दौरान युवती की हालत खराब हो गई। उपसरपंच और उसके परिवार वाले बच्चे के स्वस्थ होने की जानकारी उसे देते रहे।लगभग 20 दिन बाद जब युवती स्वस्थ हुई और बच्चे के बारे में पूछी तो कृष्णा यादव व अन्य ने बताया कि उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई है और उसे दफना दिया गया है।

युवती ने मांग शव, FIR दर्ज युवती ने पुलिस से आग्रह किया है कि यदि उसका नवजात पुत्र मर गया है तो उसका शव दिलाया जाए, ताकि वह उसका रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर सके। युवती ने जबरन एबार्सन कराने और नवजात शिशु को बिना बताए कहीं ले जाकर मार देने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध धारा 3(5), 89, 94 बीएनएस का मामला दर्ज कर लिया है।

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