कोरबा के जर्जर सोसायटी में अब खराब नहीं होगें अनाज, बनेंगे 153 भवन

राजेन्द्र देवांगन
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जिला खाद्य विभाग ने जर्जर उचित मूल्य दुकानों कर सूची प्रशासन को सौंप दी है। निर्माण एजेंसी आरईएस को बनाया गया है। वर्षा काल के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। शहरी क्षेत्र में किराए से संचालित भवनों के लिए भी नए भवन के लिए प्रस्ताव मंगाया गया है, लेकिन भूमि के अभाव यह संभव नहीं हुआ है।

कोरबा। जिले के जर्जर हो चुके उचित मूल्य दुकानों का अब जीर्णोद्धार होगा। वनांचल क्षेत्र में संचालित 153 दुकानों को इसके लिए चिन्हित किया गया है। प्रत्येक दुकान के लिए जिला खनिज न्यास मद से 12.30 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। नए भवनों के निर्माण से पर्याप्त राशन भंडारण की सुविधा होगी।

बार-बार चक्कर काटना नहीं पड़ेगा
40 हजार से भी अधिक हितग्राही परिवारों को सस्ता राशन पाने के लिए दुकान का बार-बार चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 553 उचित मूल्य की दुकानों का संचालन हो रहा, इनमें 415 दुकानें ग्रामीण क्षेत्र में है। वहीं 138 दुकानाें का संचालन शहर में हो रहा है। राशन भंडारण के लिए कमोबेश शहरी क्षेत्र की दुकानों की स्थिति ठीक है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानें आज भी किराए के भवन अथवा जर्जर भवनों में संचालित हो रहा।
प्रति दुकान पांच से छह सौ परिवार निर्भर
कुदरी चिंगर, चिरईझुंझ, छातासरई, नकिया, देवपहरी आदि दूरस्थ वनांचल के ऐसे ग्राम पंचायत हैं, जहां प्रति दुकान पांच से छह सौ परिवार निर्भर हैं। दुकान में हितग्राही संख्या के अनुरूप राशन भंडारण के लिए जगह नहीं होने पर दो से तीन खेप में राशन की आपूर्ति की जाती है। समय पर भंडारण नहीं होने की वजह से दूर दराज के ग्रामीणों को अपना काम छोड़कर बार-बार राशन के लिए कतार लगानी पड़ती हैं। अव्यवस्था तब और भी अधिक विकट हो जाती है जब दो माह का राशन एक साथ भंडारित करना होता है और भवन के जर्जर होने की वजह से अनाज खराब का खतरा बना रहता है।
एकमुश्त राशन भंडारण में सुविधा
मानसून के लिए राशन भंडारण में होगी सुविधा नए भवन के अस्तित्व में आने से दूरस्थ गांवों के लिए एकमुश्त राशन भंडारण में सुविधा होगी। वर्षा काल शुरू होते ही रामाकछार उड़ान, साखो, मेरई तक राशन पहुंचाने में देरी होती है। अति वृष्टि से सड़क अथवा पुल के टूटने मार्ग बाधित हो जाता है। गांव के लोगों को निकटवर्ती दुकानों तक पैदल चलकर राशन लाना पड़ता है। नए राशन दुकानों में दो से तीन माह के राशन भंडारित करने की क्षमता होगी। हितग्राहियों के लिए आसानी होगी।
कोर पीडीएस की राह होगी आसान
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना को मूर्त रूप देने लिए सरकार ने कोर पीडीएस योजना शुरू की है। इस योजना के कोई भी राशन कार्ड धारी किसी भी दुकान में राशन ले सकता है। दुकान में भंडारण सुविधा नहीं होने की वजह से आज भी राशन कार्ड धारियों को दूसरे दुकान राशन नहीं मिल पा रहा। दुकान संचालक पहले अपने गांव के हितग्राही को राशन देने के बाद ही दूसरे गांव से आने वाले हितग्राहियों को राशन देने की बात कहते हैं। नए दुकान बनने से कोर पीडीएस की राह आसान होगी।
वर्जन
भवन विहीन व जर्जर उचित मूल्य दुकानों का निर्माण व कायाकल्प किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में 153 दुकानों को चिन्हांकन किया गया है। जिला खनिज न्यास मद निर्माण के लिए प्रशासन से स्वीकृति मिली है।
घनश्याम कंवर, जिला खाद्य अधिकारी
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