घी विवाद के बाद सरकार का बड़ा फैसला: मंदिरों में अब सिर्फ ‘देवभोग’ ब्रांड का होगा उपयोग

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर । तिरुपति मंदिर में प्रसाद बनाने के लिए उपयोग किए गए घी को लेकर उठे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के मंदिरों में घी के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने आदेश दिया है कि अब प्रदेश के सभी मंदिरों में केवल ‘देवभोग’ ब्रांड का घी ही इस्तेमाल किया जाएगा। यह निर्देश विशेष रूप से शारदीय नवरात्र के दौरान लागू किया गया है, जब शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में ज्योत जलाने और प्रसाद बनाने का काम बड़े पैमाने पर होता है।

कलेक्टरों को भेजे गए निर्देश, नवरात्र में होगा पालन

इस संबंध में प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त ने राज्य के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नवरात्र के दौरान मंदिरों में केवल ‘देवभोग’ ब्रांड का घी ही इस्तेमाल किया जाए। इस फैसले का सीधा असर राज्यभर के शक्तिपीठों और प्रमुख मंदिरों पर पड़ेगा, जहां हर साल नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

सरकारी ब्रांड ‘देवभोग’ को मिलेगा बढ़ावा
‘देवभोग’ ब्रांड छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित है, और इस फैसले से न केवल मंदिरों में एकरूपता आएगी, बल्कि स्थानीय उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का यह कदम तिरुपति मंदिर में घी की गुणवत्ता को लेकर उठे विवाद के बाद आया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मंदिरों में प्रसाद और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला घी ही इस्तेमाल हो।

प्रशासनिक सख्ती के बीच उठ रहे सवाल
हालांकि इस आदेश के बाद कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह निर्णय अन्य ब्रांडों के उत्पादकों के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा। इसके अलावा, मंदिर प्रशासन और भक्तों के बीच भी इस फैसले को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

देखना यह होगा कि सरकार का यह कदम मंदिरों में धार्मिक कर्मकांडों पर कितना प्रभाव डालता है और क्या इससे श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर पड़ता है।

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