बिलासपुर रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक इमारत नहीं तोड़ी जाएगी, सुरक्षित रहेगी धरोहर

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर। जोनल स्टेशन की 134 साल पुरानी ऐतिहासिक बिल्डिंग नहीं टूटेगी। इसे संरक्षित रखकर रेल प्रशासन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास कार्य करेगा। रेलवे ने इसका एलान कर दिया है। उनका कहना है कि आधुनिक विकास के इस कार्य के दौरान हमारी धरोहर पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन का सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। इसकी एक बड़ी विशेषता यह है कि जिस बिल्डिंग में गेट क्रमांक दो बनाया गया है, उस बिल्डिंग का निर्माण वर्ष 1890 में हुआ था। तब से लेकर रेल प्रशासन इस धरोहर को संजोकर रखा था। समय- समय इसका रंगरोगन और मरम्मत भी कराई जाती है। विशेष ध्यान देने की वजह से बिल्डिंग की चमक आज भी बरकरार है। हालांकि रेलवे देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें बिलासपुर रेलवे स्टेशन भी शामिल है। योजना के लिए बनाए गए मास्टर प्लान में ऐतिहासिक बिल्डिंग को तोड़ने की तैयारी थी। जब शहरवासियों को इसकी जानकारी मिली तो वह बेहद निराश हुए। छात्र युवा रेलवे जोन नागरिक संघर्ष समिति ने तो इसका विरोध भी शुरू कर दिया। ऐतिहासिक बिल्डिंग के अस्तित्व को लेकर चिंतन भी होने लगा था। नईदुनिया ने धरोहर के साथ चाहिए विकास को लेकर एक मुहिम भी चलाई। लगातार खबर प्रकाशित होने का ही असर है कि अब रेलवे इस धरोहर को संरक्षित करने का एलान किया है। इस योजना के तहत बिलासपुर शहर के दोनों किनारों पर उचित एकीकरण के साथ स्टेशन को सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने तथा शहर को दोनों तरफ से जोड़ने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है । स्टेशन भवन का डिजाइन छतीसगढ़ के स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा। रेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यात्रियों को इस स्टेशन में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। बिलासपुर रेलवे स्टेशन को 392 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य यात्री सुविधाओं को उन्नत करना, भीड़ प्रबंधन में सुधार लाना और स्टेशन परिसर को आधुनिक बनाने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। पुनर्विकास के तहत बेहतर प्रतीक्षालय, अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और हरित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इन सुविधाओं से लैस होगा रेलवे स्टेशन

0 कान्कोर्स में एकसाथ लगभग 800 यात्रियों के बैठने के लिए बड़ा वेटिंग एरिया होगा

0 1,150 से अधिक वाहनों के लिए लगभग 28 हजार वर्ग मीटर पार्किंग एरिया

0 स्टेशन में प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग मार्ग का प्रविधान

0 तीन नए फुट ओवरब्रिज

0 6,051 वर्ग मीटर का कान्कोर्स का प्रविधान, 1,700 वर्ग मीटर का कमर्शियल एरिया होगा।

0 व्यवसायिक प्रतिष्ठान व दुकानें होंगी।

0 30 लिफ्ट व 22 एस्केलेटर

0 स्टेशन की छतों पर 20500 वर्ग मीटर में 1200 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगे।

0 जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग व इमरजेंसी पावर बेक-अप के साथ फायर फाइटिंग स्थापित किए जाएंगे।

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