CG- हेडमास्टर रामकृष्ण त्रिपाठी छात्राओ को बोलते हैं मवालियों की भाषा, छात्राओं ने कहा, सर स्कूल में पानी नहीं है, तो हेडमास्टर बोले, जाकर अपना &&…पी लो, कार्रवाई के नाम पर अफसरों के कांप रहे हाथ आखिर किसका सपोट है हेडमास्टर को

राजेन्द्र देवांगन
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Teacher News: …पानी नहीं है तो जाकर अपना मू&& पी लो…मुझे मत आकर बोलो ….ये बोल, किसी मवाली या शराबी के नहीं, बल्कि स्कूल के सम्मानीय हेडमास्टर साहब के हैं। सुनकर शर्म से सर झुक जायेगा, कि मवालियों वाली ये भाषा हेडमास्टर ने उन छात्राओं से कही, जो स्कूल में बांटी गयी कृमि की दवा खाने के बाद पानी नहीं होने की फरियाद लेकर हेडमास्टर रामकृष्ण त्रिपाठी के पास पहुंची थी। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी, कि जो मां-बाप अपने बच्चियों को स्कूल इस उम्मीद में भेजते हैं, कि वो वहां जाकर आदर्श बनेंगे, अपना भविष्य बेहतर करने की सीख लेंगे, उन्हें वहां के हेडमास्टर उनके साथ ऐसे अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, कि शर्म भी सुनकर शर्मिंदा हो जाये। मामला सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक स्थित माध्यमिक शाला फूलीडूमर का है। जिस हेडमास्टर का जिक्र ऊपर किया गया है, उनकी ऐसी करतूत पहली नहीं है, इससे पहले भी वो स्कूल में ऐसी शर्मनाक करतूत कर चुके हैं, जिसकी वजह से पूरा शिक्षक समुदाय शर्मिंदा है। अगस्त महीने में ही हेडमास्टर के बैग में हिडेन कैमरा भी मिला था। आरोप था कि हेडमास्टर कुछ ऐसी चीजें अपने हिडेन कैमरा से कैद कर रहे थे, जिससे छात्राओं और शिक्षिकाओं की निजता भंग हो रही थी। हिडेन कैमरा को शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीईओ की मौजूदगी में ही पकड़ा था। जिसके बाद मामला उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल में खुफिया कैमरा से जासूसी करने और छात्राओं-शिक्षिकाओं की निजता भंग करने जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि के बावजूद अफसरों की तरफ से मिले अभयदान ने प्रधान पाठक रामकृष्ण त्रिपाठी का हौसला इस कदर बढ़ा दिया कि, वो छात्राओं से खुलेआम सड़क छाप मवाली की तरह बातें करने लगे। जब इस मामले में nwnews24.com ने अफसरों से बात की, तो उन्होंने मामले की जानकारी की बात तो स्वीकारी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर बगले झांकने लगे। छात्राओं से कहा, जाकर अपना मू… पी लो
दरअसल राज्य सरकार की तरफ से कृमि मुक्ति को लेकर पूरे प्रदेश में कृमि मुक्ति पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों में एडबेंडाजोल की टेबलेट बांटी जा रही है। माध्यमिक शाला फूलीडूमर में भी छात्र-छात्राओं को कृमि की दवा दी गयी। स्कूल में बिजली खराब होने की वजह से पानी की कुछ दिनों से दिक्कत हो रही थी, ऐसे में छात्राएं हेडमास्टर के पास पहुंची और पानी नहीं होने की शिकायत की। छात्राओं की शिकायत पर बौखलाये हेडमास्टर रामकृष्ण त्रिपाठी ने कहा जाकर जाकर मू….पी लो, नहीं तो नदी में जाकर पानी पी लो।

पंखा अपने बाप से लगवा लो
छात्राओं का आरोप है कि हेडमास्टर उनके साथ हमेशा दुर्व्यवहार करते हैं। एक बार स्कूल में पंखा नहीं चलने की शिकायत जब छात्राओं ने की, तो हेडमास्टर साहब ने कहा, जाकर अपने बाप से लगवा लो। हेडमास्टर के इस तरह से शब्दों को सुनकर छात्राएं हैरान रह गयी। जिसके बाद सभी छात्राएं वहां से वापस आ गयी।


Beo के सामने छात्रों ने दिया बयान


इस मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद वाड्रफनगर के BEO मनीष कुमार जांच के लिए स्कूल पहुंचे, तो BEO, सरपंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रधान पाठक उनके साथ अपशब्द बोलते हैं। छात्राओं ने ग्रामीणों और अफसरों की मौजूदगी में कहा कि, उन्हें हेडमास्टर ने कहा कि, पानी नहीं है, तो जाकर अपनी मू… पी लो, नहीं हो तो जाकर नदी में पानी पी लो। छात्राओं ने अपने बयान में ये भी कहा कि जब पंखा लगाने के लिए लडकियों ने हेडमास्टर से अनुरोध किया, तो प्रधान पाठक ने कहा कि जाकर अपने बाप से लगवा लो।
विवादित रहे हैं प्रधान पाठक त्रिपाठी
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक के माध्यमिक शाला फूलीडूमर के प्रधान पाठक पहले से ही काफी विवादित रहे हैं। पिछले महीने से स्कूल की शिक्षक-शिक्षिकाओं नें उन्हें हिडेन कैमरा के साथ BEO की मौजूदगी में पकड़ा था। मामले में जांच भी हुई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अफसरों के हाथ कांप गये। सरगुजा के संयुक्त संचालक ने 16 अगस्त को दोबारा मामले की जांच के लिए कहा, लेकिन डीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं की।

क्या बोले बीईओ मनीष
इस मामले में जब पत्रकारों ने वाड्रफनगर के बीईओ से संपर्क किया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी घटना हुई है। उन्होंने बताया कि वो स्कूल जांच के लिए गये थे, जहां छात्राओं ने अपने बयान में अपशब्दों का जिक्र किया है। फिलहाल हेडमास्टर के खिलाफ प्रतिवेदन को भेजा जा रहा है। लेकिन कमाल की बात ये प्रतिवेदन में उन्हें स्कूल से हटाने की अनुशंसा है। क्या इतने घिनौने कामों के लिए सिर्फ कार्यस्थल बदलाव की सजा काफी है? क्या ऐसे शिक्षक के खिलाफ FIR नहीं होनी चाहिये।

क्या बोले जिले के निरीक्षण प्रभारी उप संचालक एसके प्रसाद
इस मामले को लेकर जब पत्रकारों ने डीपीआई की तरफ से स्कूलों में निरीक्षण के लिए नियुक्ति प्रभारी उपसंचालक एसके प्रसाद से बात की, तो वो सुनकर दंग रह गये। उन्होंने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वो तुरंत ही डीईओ से बात कर रिपोर्ट तलब करेंगे। ऐसे प्रधान पाठकों को बख्शा नहीं जायेगा, शिकायत अगर सही होगी, तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

मोहम्मद रज्जब बिलासपुर 9755114786

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