नक्सलियों ने लगाई अदालत फिर खुद बने जज और सुना दी 1 युवकों को मौत की सजा, पुलिस मुखबरी का था शक

राजेन्द्र देवांगन
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बीजापुर। छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक ग्रामीण युवक की हत्या कर दी। खबरों के अनुसार, युवक पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए नक्सलियों ने जनअदालत में उसे मौत की सजा सुनाई।

घटना भैरमगढ़ के जैगूर के जंगल में हुई, जहां नक्सलियों ने एक जनअदालत का आयोजन किया था। वहां ग्रामीणों के बीच युवक को सजा सुनाकर बंधक बना लिया गया। सोमवार सुबह युवक का शव गांव के पास पाया गया। नक्सलियों ने भैरमगढ़ एरिया कमेटी के माध्यम से एक पर्चा जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली है।

मुखबिरी के आरोप जनअदालत में की युवक की हत्या

युवक की पहचान सीतु मंडावी के रूप में की गई है। खबरों के अनुसार सीतु मंडावी पर 2021 से पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप था। नक्सलियों ने मुखबिरी के आरोप को आधार बनाकर उसकी हत्या की सजा दी। नक्सलियों ने इस हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए एक पर्चा जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सीतु मंडावी की हत्या उनके द्वारा मुखबिरी करने के आरोप में की गई है।

भैरमगढ़ के एसडीओ पी. तारेश साहू ने बताया कि यह घटना जांगला थाना क्षेत्र की है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस पार्टी रवाना हो गई है। घटनास्थल काफी दुर्गम इलाके में स्थित है, और विस्तृत जानकारी पार्टी के लौटने के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।

अब तक 18 ग्रामीणों की मुखबिरी के संदेह में हत्या

बतादें कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल से मात खा रहे नक्सली अब अपना अस्तित्व बचाने के लिए टारगेट किलिंग पर उतर आए हैं। इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक नक्सलियों ने 18 ग्रामीणों की मुखबिरी के संदेह में हत्या की है। यहां तक कि छात्र को भी नहीं छोड़ा। दो साथी नक्सली को भी जनअदालत में मृत्युदंड की सजा दी है।

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