बलौदाबाजार हिंसा पर सतनामी समाज के धर्मगुरु खुशवंत साहेब बोले, झंडे और संविधान का अपमान नहीं सहेंगे

राजेन्द्र देवांगन
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बलौदाबाजार हिंसा मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद मामला फिर से गरमा गया है। इस पर सतनामी समाज के धर्मगुरु और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सतनामी झंडे और संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद मुद्दा फिर गर्मा गया है। अब इस मुद्दे को लेकर सतनामी समाज के धर्मगुरु और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सतनामी झंडे और संविधान का अपमान नहीं सहेंगे।

उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि विधायक यादव ने गिरफ्तारी के बाद सफेद झंडा पैर के पास रखकर समाज की भावनाओं का अपमान किया है। कांग्रेस अनुसूचित जाति समाज की सबसे बड़ी दुश्मन है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भूपेश शासन में समाज के युवकों को नग्न प्रदर्शन तक करना पड़ा था, जो कांग्रेस के अनुसूचित जाति विरोधी होने का बड़ा सुबूत है।

उन्‍होंने कहा, दोषी चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। जिस तरह की संवेदनशीलता, परिपक्वता और धैर्य का परिचय समाज के नेताओं ने दिया है, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। कांग्रेस और उसके समर्थकों को किसी भी सूरत में प्रदेश के वातावरण को बिगाड़ने नहीं देंगे। बता दें कि गिरफ्तारी के बाद देवेंद्र यादव ने सतनामी समाज का झंडा और संविधान की प्रति लहराई थी।

राजनीतिक षड्यंत्र है हिंसा

खुशवंत गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हिंसा एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र है। षड्यंत्रकारियों का उद्देश्य प्रदेश के सामाजिक सौहार्द्र को खत्म कर भाजपा सरकार को बदनाम कर राजनीतिक लाभ लेने का था, लेकिन सरकार की सूझबूझ से षड्यंत्रकारी नाकाम रहे।

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