छत्तीसगढ़ से भटक कर पंचकूला पहुंची महिला, दो महीने छानबीन के बाद पुलिस ने भेजा घर

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बिलासपुर। एक महिला छत्तीसगढ़ से भटकती हुई पंचकूला पहुंच गई। महिला को कुछ भी याद नहीं कि वह किस तरह पंचकूला आई। कोई भी रहने की जगह न मिलने के चलते किसी ने महिला एवं बाल विकास पंचकूला के कार्यक्रम अधिकारी को सूचित किया। जिसके बाद 24 सितंबर 2020 को जिला रेडक्रॉस सोसायटी पंचकूला द्वारा संचालित वृद्ध आश्रम सेक्टर-15 में महिला को रहने की व्यवस्था कर दी गई।

महिला की कई बार काउंसलिंग के बाद महिला के मूल निवास का पता चला महिला मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। जिला रेडक्रॉस सोसाइट की सचिव सविता अग्रवाल ने बताया कि महिला का नाम अनीता है। जिसे महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा 24 सितंबर को रेड क्रॉस वृद्ध आश्रम में छोड़ा गया था। महिला को रेडक्रॉस के अस्थाई रूप से चलाए जा रहे रैन बसेरे में रखा गया। छानबीन के बाद इस महिला का पैतृक निवास पता चला।

उपायुक्त पंचकूला मुकेश आहूजा को इस महिला को उसके पैतृक निवास स्थान गांव छेरका राम ईटवा बिलासपुर टिकरी छत्तीसगढ़ छोड़ने के लिए पत्र लिखा गया। जिसके बाद उपायुक्त ने पंचकुला के डीसीपी को पत्र लिखकर कर्मचारियों की डयूटी लगाने के लिए कहा। डीसीपी की ओर से महिला सहायक उपनिरीक्षक कर्मजीत कौर, महिला सिपाही कोमल, सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्र को डियूटी लगाई गई है।

सविता अग्रवाल ने बताया कि इस महिला को छोड़ने के लिए किराया वहन करने की जिम्मेदारी श्री शिव कावड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट ने उठाई ट्रस्ट के प्रधान राकेश संगर से जब महिला को उसके घर छोड़ने के लिए रेलवे टिकट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया तो ट्रस्ट द्वारा तुरंत टिकटों का प्रबंध कर दिया गया जिसमें 3 पुलिस कर्मचारियों और महिला की टिकट उपलब्ध करवाई गई। 18 नवंबर को पुलिस उपायुक्त द्वारा अनीता को भेजने के लिए इन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्हें 4 दिसंबर की रात्रि ट्रेन के माध्यम से महिला के साथ रवाना कर दिया गया। महिला सकुशल अपने घर पहुंच जाएगी।

Share This Article