पोटाश बम से भालू का शिकार करने वाले 2 आरोपी 25 दिनों बाद एन्टी पोचिंग टीम की हिरासत में

राजेन्द्र देवांगन
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गरियाबंद। उदंती सीतानदी रिजर्व के एंटी पोचिंग टीम ने विगत 8 अप्रैल को इंदागांव परिक्षेत्र में पोटाश बम से भालू का शिकार करने वाले दो आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपी द्वारा मध्य प्रदेश के शिकारी से बम खरीदने का भी खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक एन्टी पोचिंग टीम ने दोनो आरोपियों को गरियाबंद साइबर सेल की मदद से ओडिशा बॉर्डर के पास ग्राम कालीमाटी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के घर से भालू का चमड़ा एवं एक नाखून, जंगली सूअर का जबड़ा एवं 3 दांत, गोहिया (मॉनिटर लिजार्ड) का चमड़ा एवं फंदे बरामद हुआ है।

जानकारी के मुताबिक विगत 8 अप्रैल को इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1243 पहाड़ी के नीचे पोटाश बम से भालु का शिकार करने की सूचना वन विभाग की मिली थी। सूचना पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुधीर अग्रवाल, वन संरक्षक विश्वेश कुमार झा तथा उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व वरुण जैन के मार्गदर्शन में इंदागांव परिक्षेत्र ओर उदंती की एन्टी पोचिंग टीम मामले की जांच कर रही थी। इस दरम्यान टीम ने मुखबिर सूचना पर टीम ने 6 मई को फरार आरोपी हजारी पिता तुलसीराम गोड़ तथा उत्तम पिता खगेश्वर रावत को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। दोनो को जब पूछताछ के लिए कार्यालय सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) लाया गया तो दोनो ने पोटाश बम से भालु का शिकार करने का कबूलनामा किया। साथ ही बताया कि एक वर्ष पहले कटनी मध्यप्रदेश से आये शिकारी समुदाय के व्यक्ति से 500 रूपये में एक पोटाश बम खरीदे थे। वही पूछ ताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने मिलकर इसके अलावा पोटाश बम से पांच से छः सुअर का भी शिकार किये है और सुअर के मटन को पांच सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक्री किए है।

इधर, पोटाश बम से शिकार की पुष्टि होने के बाद वन विभाग में सकते में आ गई। नए टेक्निक से शिकार के मामले का खुलासा होने के बाद वन विभाग ने आशंका जताई है कि मध्य भारत में सक्रीय बड़े गिरोह के लोग भी इसमें शामिल हो सकते है। तजदीक के लिए मध्यप्रदेश स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फार्स तथा वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से मामले की जानकारी साझा की गई है।

उदंती उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि अपराध कबूल होने के बाद वनपाल सहायक परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव भुपेन्द्र कुमार सोनी के द्वारा दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें रिमांड में जेल भेज दिया गया है। आरोपियो के विरुद्ध पी.ओ.आर क्रमांक 54/23 पंजीबध्द कर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 2,9,27,29,31,32,39,50,51 एवं 52 के तहत कार्यवाही की जा रही है। दोनो आरोपी इंदागांव थाना क्षेत्र के ग्राम कालीमाटी के रहने वाले है।

कार्यवाही में एन्टी पोचिंग टीम में परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव सुशील सागर, गरियाबंद पुलिस साइबर सेल प्रभारी सतीश यादव, वनरक्षक डोमार कश्यप, ओम प्रकाश राव, फलेश्वर दीवान, विरेन्द्र ध्रुव, भुपेन्द्र भेड़िया, यज्ञ मालती यादव एवं समस्त इंदागांव (घुरवागुड़ी) स्टॉफ का विशेष योगदान रहा।

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