Hanuman Mandir: रतनपुर के इस अनोखे मंदिर में हनुमान जी की नारी स्वरूप में होती है पूजा..!

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Hanuman Mandir: रतनपुर के इस अनोखे मंदिर में हनुमान जी की नारी स्वरूप में होती है पूजा..!
बिलासपुर:-दुनिया में हनुमानजी के जहां कईं मंदिर हैं वहीं भारत में हनुमान के आपको कईं रूपों वाले मंदिर देखने को मिल जाएंगे जिसमें हनुमान के सिर के बल खड़ी मूर्ती और हनुमान की लेटी हुई मूर्ती हैं। लेकिन इ्न सब के अलावा हनुमान की एक ऐसी मूर्ती भी है जिसमें हनुमान किसी पुरूष रूप में ना होकर स्त्री रूप में हैं। हनुमान का यह मंदिर सबसे अलग है। आज हम हनुमान के जिस मंदिर के बारे में आपको बता रहे हैं वह मंदिर बिलासपुर जिले के रतनपुर में स्थित है यहां हनुमान जी का मंदिर। यह  ऐसा मंदिर है जहां हनुमान की नारी रूप में मूर्ती है।
  बता दें कि यह हनुमान जी का  ऐसा मंदिर हैं, जहां पर उनकी नारी स्वरूप में पूजा की जाती है। यहां के लोग बताते हैं कि दूर-दूर से भक्त इस मंदिर में अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। वहीं भगवान भी अपने भक्तों की हर इच्छा को जरूर पूरा करते हैं।
जानिए क्या है कथा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना उस समय के राजा पृथ्वी देवजू ने की थी। बताया जाता है कि एक बार राजा पृथ्वी को कुष्ठ रोग हो गया था। उसको सही करने के लिए राजा ने तमाम वैद्य-हकीमों की मदद ली। लेकिन उनका कुष्ठ रोग सही नहीं हुआ। जिसके बाद उनको एक ज्योतिष ने हनुमान जी की उपासना करने की सलाह दी। राजा ने ज्योतिष की बात मानकर हनुमान जी की कठिन उपासना शुरू कर दी। राजा की भक्ति देख हनुमान जी ने राजा को स्वप्न में दर्शन दिए।
मंदिर बनवाने का दिया स्वप्न
हनुमान जी ने राजा को स्वप्न में उनका मंदिर बनवाने और उसके पास में एक सरोवर खुदवाने के लिए कहा। कहते हैं कि हनुमान जी ने राजा से कहा कि यदि वह उस सरोवर में स्नान करेंगे। तो राजा के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। जिसके बाद राजा ने उस स्वप्न का मान रखते हुए एक मंदिर का निर्माण करवाया और उसके पास एक सरोवर खुदवाया। इसी सरोवर में स्नान करने से राजा का कुष्ठ रोग ठीक हो गया था।
राजा को फिर आया सपना
इस घटना के बाद हनुमान जी ने राजा को फिर स्वप्न दिया। हनुमान जी ने सरोवर के पास अपनी दबी हुई प्रतिमा के बारे में बताया। हनुमान जी ने उस प्रतिमा को मंदिर में स्थापित करवाने के लिए कहा। जब राजा ने सरोवर के पास प्रतिमा की खोज करवाई तो देखा कि हनुमान जी की नारी स्वरुप में प्रतिमा दबी हुई थी। जिसे बाद में मंदिर में स्थापित करवाया गया।
अनोखी है मंदिर की मूर्ति
राजा पृथ्वी देवजू को सरोवर के पास मिली इस मूर्ति बेहद खास है। बता दें कि इस मूर्ति का मुंह दक्षिण की ओर है और मूर्ती में पाताल लोक का चित्र भी बना हुआ है। इसके अलावा हनुमान जी को रावण के पुत्र अहिरावण का संहार करते हुए दिखाया गया है। जहां हनुमान जी के एक पैर के नीचे अहिरावण तो वहीं दाएं पैर के नीचे कसाई दबा हुआ है। साथ ही उनके कंधो पर श्रीराम और लक्ष्मण जी की झलक भी देखने को मिलती है। हनुमान जी के एक हाथ में लड्डू की थाली और दूसरे हाथ में माला है।

Share This Article