बज गई लोकसभा चुनाव की रणभेरी” 7 चरणों में होंगे लोकसभा के चुनाव ” छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में होगा मतदान””4 जून को आएंगे नतीजे..!

राजेन्द्र देवांगन
9 Min Read
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7 चरणों में होंगे लोकसभा के चुनाव ” छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में होगा मतदान””4 जून को आएंगे नतीजे..!

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तारीखों का ऐलान हो गया है. चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही आज से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. पूरे देश में आम चुनाव को लेकर वोटिंग और काउंटिंग की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में ग्यारह लोकसभा सीटों के लिए मतदान संपन्न होंगे. इसमें 19 अप्रैल, 26 अप्रैल और सात मई को वोटिंग होगी. जबकि नतीजे चार जून को आएंगे
छत्तीसगढ़ में 19 अप्रैल को एक सीट पर वोटिंग होगी. इस दिन बस्तर में वोटिंग होगी.राज्य में 26 अप्रैल को तीन सीटों पर मतदान होगा. इस दिन कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद में वोटिंग होगी. जबकि 7 मई को सात सीटों पर वोटिंग होगी. जिसमें बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर, कोरबा, सरगुजा, जांजगीर चांपा और दुर्ग में सात मई को मतदान होगा.
कब होगा मतदान, कब होगी काउंटिंग: 543 संसदीय सीटों पर लोकसभा चुनाव होंगे. सात चरणों में चुनाव होंगे. छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां 19 अप्रैल, 16 अप्रैल और सात मई को मतदान होंगे.

फेज वन: 19 अप्रैल को वोटिंग( इस दिन छत्तीसगढ़ के बस्तर लोकसभा सीट पर मतदान होगा)

फेज टू: 26 अप्रैल ( इस दिन राजनांदगांव, कांकेर और महासमुंद लोकसभा सीट पर वोटिंग होगी)

फेज थ्री: 7 मई को मतदान ( इस दिन रायपुर, कोरबा, बिलासपुर, सरगुजा, जांजगीर चांपा, रायगढ़ और दुर्ग में मतदान होगा)

फेज फोर: 13 मई को मतदान

फेज फाइव: 20 मई को मतदान

फेज सिक्स: 25 मई को वोटिंग

फेज सेवन: 1 जून
चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे. उनमें सिक्किम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और आंध्रप्रदेश में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव होंगे. 26 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे. बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियणा, झारखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में उपचुनाव होंगे. सभी 26 सीटों पर उपचुनाव होंगे. लोकसभा चुनाव के साथ साथ उपचुनाव होंगे.

चार जून को आएंगे नतीजे आएंगे: चार जून को लोकसभा चुनाव के साथ साथ विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे. इस दिन सभी चुनावों के नतीजें आएंगे

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें
543 लोकसभा सीटों पर चुनाव
कुल मतदाता: 97 करोड़
पुरुष वोटर: 49.7
महिला वोटर: 47 करोड़
युवा वोटर: 21.5 वोटर
100 साल से ज्यादा उम्र के मतदाता:
12 राज्यों में पुरुषों से ज्यादा महिला मतदाता
हर बूथ पर पीने का पानी, व्हीलचेयर, हेल्प डेस्क
चुनाव में 4 लाख वाहनों का इस्तेमाल
10.5 लाख पोलिंग स्टोशन
82 लाख मतदाता 85 साल के ऊपर
चुनाव आयोग ने क्या कहा: दुनिया के सबसे बड़े चुनाव में तैयारी करना सबसे बड़ी चुनौती है. यहां की जरूरतों को पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है. अब तक हमने 17 आम चुनाव, 400 से ज्यादा विधानसभा चुनाव कर चुके हैं. बीते एक साल में हमने 11 विधानसभा चुनाव संपन्न कराए हैं. हमने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराए हैं. कोर्ट केसों की संख्या में कमी आई है. फेक न्यूज पर हमने एक्शन लिया है. हमने वोटर्स लिस्ट को तैयार करने में बहुत मेहनत की है. सभी तरीके के ऑपरेशनल चैलेंज को हमने पूरा किया है. 96 करोड़ वोटर्स वोटिंग करेंगे. यंग वोटर्स की संख्या 1.82 करोड़ वोटर्स है जो फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं. साढ़े 21 करोड़ वोटर्स इस बार युवा वोटर्स वोट करेंगे. पांच लाख वोटिंग सेंटर्स बनाए गए हैं. 55 लाख ईवीएम का इस्तेमाल होगा. पांच लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. 16 जून को 17वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होगा. देश में चुनाव त्यौहार जैसा है.
महिला वोटर्स की संख्या बढ़ी: महिला वोटर्स का जेंडर रेशियो 9.48 फीसदी हो गया. देश के 12 राज्यों में महिला वोटर्स की संख्या ज्यादा है. हमे विश्वास है कि न सिर्फ यूथ हमें वोट करेंगे बल्कि वह हमारे आईकॉन भी बनेंगे. हम बूथ को अच्छे तरीके से तैयार करें. हर बूथ पर मतदाताओं की सुविधा का ख्याल रखा जाएगा. जहां आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी. नॉमिनेशन से पहले हम मतदाताओं के घर में फॉर्म डी पहुंचाएंगे. वह अगर यह ऑप्ट करेंगे कि वह बूथ पर नहीं आना चाहते हैं तो हम घर पर जाकर वोट लेने जाएंगे. हम बूथ पर बुजुर्ग मतदाताओं के लिए सारी सुविधाएं मुहैया कराएंगे. जिसमें व्हीलचेयर्स संबंधित कई सुविधाएं शामिल हैं. हम दूर दराज के इलाकों में वोट के लिए भी तैयारी कर चुके हैं.
हमारे पास चार चैलेंज हैं: मसल, मनी, मिसइन्फॉर्मेशन, और चुनावी हिंसा इन सब पर हमें काबू पाने की जरूरत है. मसल पावर को कंट्रोल करने के लिए हम ज्यादा से ज्यादा पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती करंगे. चुनावों में हिंसा को कई स्थान नहीं होना चाहिए. चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद जो भी हिंसा होगी हम उसको कंट्रोल करेंगे. हर जिले में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. टीवी, वेबकास्टिंग और सोशल मीडिया के जरिए हम शिकात को मॉनिटर करेंगे और उस पर काम करेंगे. हर तरह की शिकायत पर सख्त कार्रवाई करेंगे. बॉर्डर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है. इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है
फ्रीबीज को रोकने के लिए उठाए कदम: चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए बांटे जाने वाले गिफ्ट यानी की फ्रीबीज को रोकने की हिदायत दी है. इसके लिए ईडी, जीएसटी टीम, आयकर टीम को लगाया गया है. विजिलेंस टीम को भी लगाया गया है. डिजिटिल पेमेंट पर भी नजर रखा जा रहा है. बैंक को भी इस तरह के ट्रांजैक्शन पर नजर रखने की हिदायत दी गई है. एयरपोर्ट के लिए भी अलग तरह की गाइलाइन फ्रीबीज रोकने के लिए कार्य किए जाएंगे. कैश और मनी पर सख्त नजर रहेगी.
फेक न्यूज पर रोक लगाने के लिए सख्ती से कदम उठाया जाएगा. गलत न्यूज को लेकर हम सजग है. हम 69 और 63 आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करेंगे. ताकि सोशल मीडिया पोस्ट पर फेक न्यूज प्रसारित नहीं किया जा सके. फैक्ट के आधार पर सोशल मीडिया पर अगर कोई मैटर आता है तो हम उस पर एक्शन नहीं लेंगे. लेकिन फर्जी होगा तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे. सोशल मीडिया पर आप देखकर ही कोई चीज को फॉरवर्ड करें.
राजनेताओं के प्रचार और भाषा पर रहेगी नजर: राजनीति के गिरते स्तर पर भी चुनाव आयोग की नजर रहेगी. हमने पांच 6 चुनाव के आधार पर एक एडवाइजरी तैयार की है और हम राजनीतिक दलों के प्रचार में गिरते स्तर को लेकर नोटिस जारी करेंगे. हम स्टार प्रचारकों की लिस्ट राजनीतिक दलों से जानकारी मांग रहे हैं. चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन पर हम कार्रवाई करेंगे. इसमें हेट स्पीच और व्यक्तिगत आक्षेप पर भी नजर रखेंगे. प्रचार के दौरान संयमित भाषा का प्रयोग करें. राजनीतिक दलों को मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए.
राजनीतिक दलों की फंडिंग की होगी जांच : हम राजनीतिक दलों के फंड और राजनैतिक वित्त पर भी नजर रख रहे हैं. हम 2100 ऑब्जर्वर की नियुक्ति कर रहे हैं. ताकि फ्री एंड फेयर इलेक्शन हो इस पर नजर रखी जाएगी. सभी चुनावी मशीनों को बारी बारी से यूज किया जाएगा.
मतदाताओं से अपील: मतदाताओं से अपील की जा रही है वह अपने मताधिकार का प्रयोग करें. वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने वोटों का प्रयोग करें और लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लें.

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