लोकसभा चुनाव वंशवादी राजनीति एवं भ्रष्टाचार बनाम विकास की लड़ाई होगा: जे पी नड्डा..!

राजेन्द्र देवांगन
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लोकसभा चुनाव वंशवादी राजनीति एवं भ्रष्टाचार बनाम विकास की लड़ाई होगा: जे पी नड्डा..!
मुंबई: भारतीय जनता पार्टी भाजपा के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव एक तरफ वंशवादी राजनीति एवं भ्रष्टाचार तथा दूसरी तरफ विकास के बीच का मुकाबला होगा. मुंबई की अपनी यात्रा के दौरान नड्डा ने यहां पश्चिमी उपनगरीय क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है. भाजपा विरोधी दलों पर प्रहार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वे या तो वंशवादी हैं या भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं.

नड्डा ने कहा, ‘(केंद्र में भाजपा के लिए) नया जनादेश हासिल करने के लिए आपको मतदाताओं तक पहुंचना है और उनसे समर्थन मांगना है. पिछले दस साल में पहली बार के मतदाताओं ने पिछली सरकारों की भांति भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सिर्फ विकास देखा है.’ वह 2014 में सत्ता में आई मोदी सरकार के 10 साल के शासनकाल का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अप्रैल-मई में संभवत: होने वाला चुनाव एक तरफ वंशवादी राजनीति एवं भ्रष्टाचार तथा दूसरी तरफ विकास के बीच का मुकाबला होगा.

नड्डा ने भाजपा के विकास एजेंडे को प्रमुखता से सामने रखते हुए कहा कि वंशवादी राजनीति और भ्रष्टाचार बर्बादी की ओर ले जाएंगे. इससे पहले दिन में नड्डा ने मुंबई के सभी 36 विधानसभा क्षेत्रों के पार्टी पदाधिकारियों तथा सांसदों एवं विधायकों से भेंट की. वह मुंबई की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं. उन्होंने अपने संबोधन में मुंबई के भाजपा नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि भाजपा की विचारधारा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने उनसे भाजपा और इसकी सरकार पर विपक्ष के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की भी अपील की.

जनहित के मुद्दों पर प्रमुख हस्तियों का समर्थन हासिल करने की कोशिश करने की सलाह दी. उन्होंने मुंबई के सभी छह लोकसभा क्षेत्रों की चुनाव प्रबंधन समिति की बैठकों की भी अध्यक्षता की. साल 2019 के आम चुनाव में भाजपा और उसकी तत्कालीन सहयोगी अविभाजित शिवसेना ने मुंबई में तीन-तीन सीट जीती थीं. उसी साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शहर की 36 सीट में से 16 जीती थीं जबकि शिवसेना 14 पर विजयी रही थी.

तब से राज्य का राजनीतिक परिदृश्य काफी बदल चुका है. शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी विभाजित हो चुकी हैं. भाजपा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना तथा अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के साथ राज्य में सत्तासीन है.

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