नेता-पुत्रो का मर्यादा अतिक्रमण तहूं राणी महू राणी…!

राजेन्द्र देवांगन
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नेता-पुत्रो का मर्यादा अतिक्रमण तहूं राणी महू राणी…!

भाजपा के जांजगीर-चांपा विधायक तथा नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के पुत्र पलाश चंदेल द्वारा की गई दुष्कर्म की निंदा हर ओर हो रही है और विपक्ष इसके खिलाफ जाहिर सी बात है , बयानबाजी और सारे राजनीतिक खिलाफत के तरीकों का उपयोग भी कर रहा है । इस पर आगे चर्चा से पहले बिलासा कन्या महाविद्यालय में हुए राष्ट्रीय सेमिनार में महिला मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक विश्लेषक और समीक्षक साथ ही जिला कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा की बड़ी बहन डा. अनुपमा सक्सेना द्वारा बताई गयी एक हतप्रभ करने वाली घटना जिसमें उन्होंने बताया कि विदेश में एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि छहः माह पूर्व जब वह अपने कंपनी की वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा ले रही थी । उनके साथ कंपनी के कुछ सहकर्मियों ने छेड़छाड़ की । चूंकि मीटिंग वर्चुअल यानि आभासी थी इसलिए छेड़छाड़ भी आभासी था , वर्चुअल थी इसलिए उस महिला को इस छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने में छह माह लग गये इसमें विचार करने की बात यह है कि उन पुरुषों को मालूम है कि यह वर्चुअल मीटिंग है और यह सिर्फ यहां होने का आभास बस होता है फिर भी उन पुरूष सहकर्मियों ने छेड़छाड़ की यह वर्चुअल छेड़छाड़ उन पुरुषों की मानसिकता को बताता हैं । इस तरह की आभासी घटनाएं भी महिलाओं के आत्मसम्मान को उतना ही मानसिक चोट पहुंचाती है और एक विदेशी महिला जो किसी राष्ट्रीय स्तर की कंपनी में काम कर रही महिला को यह शिकायत दर्ज कराने में छह माह केवल उहापोह में निकल गये कि इस घटना की शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नहीं । यह महिलाओं के प्रति पुरुषों की सार्वभौमिक सोच को बताती है । शायद उन पुरुषों को यह वर्चुअल दुनिया स्वप्न की तरह लगा हो लेकिन वे भूल गए थे कि यह स्वप्न उनका अकेले का नहीं बल्कि सबका था इसलिए मर्यादा बनाये रखनी चाहिए थी ….
आगे भी जारी..

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