अति संवेदनशील क्षेत्रों में 18 वर्षों बाद शिक्षा का अलख जगाने पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी.. .!

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

अति संवेदनशील क्षेत्रों में 18 वर्षों बाद शिक्षा का अलख जगाने पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी.. .!

बीजापुर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा के मार्गदर्शन पर जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल द्वारा सन् 2005 से बन्द प्राथमिक शाला एडकापल्ली संकुल केन्द्र करकेल विकासखण्ड भैरमगढ़ एवं प्राथमिक शाला ओडसनपोरका मादेपुर को पुनः संचालित करवाया गया। प्राथमिक शाला एडकापल्ली में 25 छात्र-छात्राएं एवं प्राथमिक शाला ओडसनपोरका मादेपुर में 30 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। छात्र-छात्राओं को पाठ्यपुस्तक, स्कुल बेग, पेन, ड्रेस वितरण किया गया एवं तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। नक्सल प्रभाव से बंद शाला को गांव में 18 वर्षोें के बाद पुनः संचालन होने से ग्रामीणों में काफी उत्साह नजर आ रहा था। उसी ग्राम मे 12वीं उर्त्तीण बेरोजगार को ज्ञानदूत के रूप में 10 हजार रूपए के मासिक मानदेय पर बच्चों के अध्यापन कार्य कराने की जिम्मेदारी दी गई। एमव्ही राव एडीपीओ, बुधराम अजमेरा संकुल समन्वयक संकुल केन्द्र करकेली एवं मुहन्दा कोवा संकुल समन्वयक संकुल केन्द्र बेदरे के द्वारा संस्था को पुनः संचालित कराने में विशेष योगदान रहा।

इस अवसर पर ग्राम के प्रमुख एवं ग्रामवासी उपस्थित थे। पहली बार किसी जिला शिक्षा अधिकारी को इस अतिसंवेदन शील क्षेत्र मे अपने बीच पाकर ग्रामीण बहुत खुश नजर आए। बघेल द्वारा शिक्षा की अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया ग्रामवासियों ने शेड निर्माण मे सहयोग करने का भरोसा दिया।

Share This Article