हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटे 7 नक्सली, सुकमा में पुलिस और CRPF अफसरों के सामने किया सरेंडर

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट ज्ञानवती भदोरिया

हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटे 7 नक्सली, सुकमा में पुलिस और CRPF अफसरों के सामने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादी संगठन को फिर झटका लगा है। हिंसा का रास्ता छोड़कर 7 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्कोम (नई सुबह-नई शुरुआत) अभियान से प्रभावित होकर माओवादियों ने सीआरपीएफ के 219वीं बटालियन के अफसरों के सामने नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वाले नक्सली एर्राबोर थाना क्षेत्र की कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस को पूछताछ में माओवादी संगठन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। 

पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बताया की सुकमा जिले में सक्रिय 7 माओवादियों ने नीरज कुमार टूआईसी 219 सीआरपीएफ, एएसपी नक्सल ऑपरेशन किरण चव्हाण, प्रदीप कुमार सिंघा सहायक कमांडेंट के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में मड़कम मासा, माड़वी हिरमा, मड़कम भीमा, मड़कम बंडी, मड़कम नंदा, सोड़ी जोगा, लंछिंदर शामिल हैं। सभी भेज्जी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी संगठन में डीएकेएमएस और मिलिशिया सदस्य हैं। सरेंडर करने वाले माओवादी एर्राबोर थाना क्षेत्र में फोर्स को नुकसान पहुंचाने सहित कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। नक्सली स्थायी वारंटी भी हैं।  

फोर्स के दबाव में बैकफुट पर नक्सली 
एसपी सुनील शर्मा ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य शासन के पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा। शर्मा ने बताया कि नक्सल क्षेत्रों में खुल रहे कैंपों की वजह से नक्सली बैकफुट पर हैं। माओवादी संगठन पर पुलिस का लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्कोम अभियान को जिले में लगातार सफलता मिल रही है। पुलिस के दबाव में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं या फिर मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं। 

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