चरवाहे को पीट-पीट कर मार डाला: गांव में बुलाकर पीटा, फिर खेत में फेंक दिया शव; मवेशी फसलों को पहुंचा रहे थे नुकसान

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

चरवाहे को पीट-पीट कर मार डाला: गांव में बुलाकर पीटा, फिर खेत में फेंक दिया शव; मवेशी फसलों को पहुंचा रहे थे नुकसान

ब्यूरो रिपोर्ट ज्ञानवती भदोरिया

छात्तीसगढ़ में सुकमा-बीजापुर जिले की सरहद पर ग्रामीणों ने एक चरवाहे को पीट-पीटकर मार दिया । चरवाहे का कसूर सिर्फ इतना था कि उसके मवेशियों ने ग्रामीणों के खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा दिया था। जिसके बाद गांव वालों ने मवेशियों को बंधक बना लिया, फिर चरवाहे को गांव में बुलाकर बेरहमी से पिटाई की। जब मौत हो गई तो शव को खेत में फेंक दिया। मामला तारलागुड़ा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, सुकमा जिले के जगरगुंडा का रहने वाला अधेड़ राजेंद्र गोपाल पिछले कई सालों से मवेशी चराने का काम करता था। हर दिन जिन मवेशियों को चराने जंगल ले कर जाता था वे मवेशी तारलागुड़ा गांव के ग्रामीणोंके खेतों में चले जाते थे। जिससे ग्रामीण काफी नाराज थे। सूत्र बताते हैं कि, बुधवार को गांव के ही कुछ ग्रामीणों ने मवेशियों को बंधक बना लिया था। फिर राजेंद्र को गांव बुलाया गया। जब राजेंद्र पहुंचा तो उससे मारपीट की गई।

को कोई शक ना हो इसलिए ग्रामीणों ने शव को खेत के पास फेंक दिया। गुरुवार को गांव के अन्य ग्रामीणों ने शव को देख इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है। बताया जा रहा है कि, जिन्होंने चरवाहे की हत्या की है पुलिस उनका पता लगाने जुटी है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

Share This Article