हथियारबंद माओवादी ने; पुलिस मुखबिरी के शक में उप सरपंच की हत्या कर दी

राजेन्द्र देवांगन
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हथियारबंद माओवादी ने; पुलिस मुखबिरी के शक में उप सरपंच की हत्या कर दी

छत्तीसगढ़-तेलंगाना राज्य की सीमा पर स्थित एक गांव के उप सरपंच की माओवादियों ने हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शव को गांव में ही फेंक दिया। बताया जा रहा है कि, देर रात करीब 10 से 11 हथियारबंद नक्सली उप सरपंच को घर से उठाकर जंगल की तरफ लेकर गए थे। फिर पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाकर धारदार हथियार से गला रेत मौत की सजा दे दी। मामला चारला थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों की चारला एरिया कमेटी ने बस्तर के सुकमा जिले से लगे भद्रादि कोत्तागुडम जिले के कुर्नापल्ली ग्राम पंचायत के उप सरपंच इरपा रामू की हत्या है। देर रात नक्सली इरपा के घर पहुंचे। पहले परिजनों के सामने ही उसकी पिटाई की। फिर अपने साथ जंगल की तरफ लेकर गए। इस बीच परिजनों ने भी नक्सलियों से इरपा को छोड़ने की अपील की, हाथ जोड़े, पैर पकड़े। लेकिन, हथियारबंद नक्सली परिजनों को धमकी देकर इरपा को लेकर चले गए।

फिर बीच जंगल में धारदार हथियार से गला रेत कर मौत की सजा दे दी। जिसके बाद शव को गांव में फेंक दिया। शव के पास में नक्सलियों ने पर्चे भी फेंके। परिजन और इलाके के ग्रामीणों ने सुबह इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। साथ ही लोगों से पुछताछ भी की जा रही है।

पिछले कुछ महीनों में इतनों को मारा

17 नवंबर 2020 को नक्सलियों ने सुकमा के जंगलों में जन अदालत लगाकर 2 युवकों की हत्या की थी।

21 अक्टूबर 2020 को नक्सलियों ने बीजापुर में एक आरक्षक को अगवा कर जनअदालत लगा उसकी हत्या की थी।

साल 2020 में ही नक्सलियों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ में 2 युवकों पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर गला रेत दिया था, इससे उनकी भी मौत हो गई थी।

साल 2020 में कांकेर जिले में नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर एक पूर्व सरपंच की हत्या की थी।

साल 2020 में कांकेर जिले में एक दिव्यांग युवक की हत्या कर शव सड़क किनारे फेंका था। इस पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया था।

साल 2020 में सुकमा जिले में ही नक्सलियों ने एक ग्रामीण पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा कर जन अदालत लगा उसकी हत्या कर दी थी।

नवंबर 2021 में सुकमा जिले में जनअदालत लगाकर माओवादियों ने 2 युवकों की हत्या की थी। इन पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया था।

नवंबर 2021 में नक्सलियों ने कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में जन अदालत लगाकर 1 ग्रामीण की हत्या की थी।

जनवरी 2022 में बीजापुर जिले में अपने ही एक साथी कमलू पुनेम को जन अदालत लगाकर मारा।

जनवरी 2022 में ही बीजापुर जिले के जांगला थाना क्षेत्र में अपने ही 2 साथी की हत्या की थी।

10 फरवरी 2022 को माओवादियों ने दंतेवाड़ा जिले के टेटम में एक युवक की हत्या कर दी थी।

17 मार्च 2022 को माओवादियों ने बीजापुर जिले के मद्देड थाना क्षेत्र में एक पास्टर की हत्या की थी।

28 अप्रैल 2022 को दंतेवाड़ा के नीलावाया में एक दिव्यांग युवक की हत्या कर दी।

2 मई 2022 को दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण इलाके के एक कोटवार को मारा था।

27 अगस्त 2022 को कोंडागांव जिले में एक ग्रामीण की जान ले ली।

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