2 सांसद, निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन ,,,, रिटर्निंग अफसर ने दिया सर्टिफिकेट

राजेन्द्र देवांगन
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कांग्रेस को मिले 2 सांसद, निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन, रिटर्निंग अफसर ने दिया सर्टिफिकेट

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार राजीव शुक्ला एवं रंजीत रंजन निर्विरोध जीत गए हैं। शुक्रवार को नाम वापसी का अंतिम दिन था। तय समय के बाद निर्वाचन अधिकारी ने जीत की घोषणा कर दी। सांसद रंजीत रंजन निर्वाचन सर्टिफिकेट लेने छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुचीं। रंजीत रंजन को रिटर्निंग ऑफिसर दिनेश शर्मा ने निर्वाचन प्रमाण-पत्र दिया। राजीव शुक्ला की अनुपस्थिति में सुधीर शुक्ला ने निर्वाचन अधिकारी से उनका प्रमाण-पत्र लिया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे, विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय सहित कांग्रेसी मौजूद रहे।

बता दें कि राज्यसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCCJ) के उम्मीदवार डॉ. हरिदास भारद्वाज का नामांकन 1 जून को खारिज दिया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का निर्विरोध सांसद बनना लगभग तय हो गया था। रिटर्निंग अफसर की ओर से कहा गया था कि डॉ. भारद्वाज ने न्यूनतम 9 प्रस्तावक होने की अनिवार्य शर्त को पूरा नहीं किया है। स्क्रूटनी के बाद रिटर्निंग अफसर ने कांग्रेस के दोनों उम्मीदवारों के नामांकन को नियमों के तहत वैध बताया था। जेसीसीजे के नामांकन खारिज होने के बाद सिर्फ दो सीटों के लिए सिर्फ दो प्रत्याशी बचे थे। मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था।

कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत तय थी
कांग्रेस के उम्मीदवार राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन ने सीएम भूपेश बघेल की मौजूदगी में पर्चा भरा था। भाजपा ने इस चुनाव के लिए प्रत्याशी नहीं उतारा है। 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 71 विधायक, भाजपा के 14, जेसीसीजे के 3 और बहुजन समाज पार्टी के 2 विधायक हैं। 71 विधायकों के दम पर कांग्रेस के दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय था। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से रंजीत रंजन और राजीव शुक्ला को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। राजीव शुक्ला जाने माने पत्रकार रहे हैं और वह उत्तर प्रदेश के कानपुर के निवासी हैं। वे 3 बार महाराष्ट्र से राज्यसभा जा चुके हैं। वहीं रंजीत रंजन बिहार के बाहुबली नेता पप्पू यादव की पत्नी हैं। वह लॉन टेनिस की खिलाड़ी रहीं हैं। रंजीत रंजन दो बार लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ में हैं कांग्रेस के 71 विधायक
राज्यसभा चुनाव में मतदान का फार्मूला है। रिक्त सीटों की संख्या में 1 जोड़कर कुल विधायकों की संख्या का विभाजन किया जाता है। आए नतीजों में फिर 1 जोड़कर न्यूनतम वोटरों की संख्या तय होती है। आप इसे ऐसे भी समझ सकते हैं। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा के लिए 2 सीटों पर चुनाव हुए। 2 में 1 जोड़कर संख्या 3 हो जाती है। अब विधायकों की कुल संख्या यानी 90 को 3 से भाग देने पर 30 भागफल आएगा। इस 30 में 1 जोड़ा तो संख्या 31 होगी। यानी किसी प्रत्याशी को जीत के लिए कम से कम 31 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पास कुल 71 विधायक थे।

राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की 5 सीटें हैं
राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की 5 सीटें हैं। अभी तक इनमें से 2 पर भाजपा और 3 पर कांग्रेस के सांसद हैं। 29 जून को भाजपा के रामविचार नेताम और कांग्रेस की छाया वर्मा का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। उनकी जगह पर कांग्रेस के 2 सांसदों की एंट्री होगी। छत्तीसगढ़ से भाजपा की सरोज पांडेय ही राज्यसभा सांसद रहेंगी, जबकि कांग्रेस से फूलोदेवी नेताम, केटीएस तुलसी, राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन की जगह बनेगी। कांग्रेस खेमे से अब केवल फूलोदेवी नेताम ही छत्तीसगढ़ मूल की सांसद होंगी। शेष तीन दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के राजनीतिज्ञ होंगे। दोनों उम्मीदवारों की जीत से कांग्रेस और मजबूत होगी।

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