पाली जनपद सीईओ की मनमानी एवं तानाशाही रवैया: एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित ब्लॉक स्तरीय शांति समिति की बैठक में स्थानीय पत्रकारों की उपेक्षा

राजेन्द्र देवांगन
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पाली जनपद सीईओ की मनमानी एवं तानाशाही रवैया: एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित ब्लॉक स्तरीय शांति समिति की बैठक में स्थानीय पत्रकारों की उपेक्षा


शशिमोहन कोशला के साथ संजय यादव की ख़ास ख़बर- कोरबा/पाली:- नवरात्र को आस्था, आराधना व दशहरा एवं ईद पर्व को आपसी सदभावना और शांति पूर्वक मनाने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा- निर्देश के मद्देनजर बीते शनिवार 09 सितंबर को एसडीएम नंद कुमार पांडेय की अध्यक्षता में पाली जनपद कार्यालय के सभागार में शांति समिति की ब्लाक स्तरीय बैठक आयोजित किया गया। उक्त बैठक में उपस्थिति की सूचना एवं आयोजन की जिम्मेदारी पाली सीईओ वीरेंद्र कुमार राठौर को प्रशासनिक तौर पर सौंपी गई थी, जहां सीईओ द्वारा जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणजन, विभिन्न धर्मावलंबियों, समाज प्रमुखों, दुर्गा उत्सव समितियों को बैठक की सूचना दी गई, किंतु स्थानीय पत्रकारों को इससे उपेक्षित रखते हुए किसी प्रकार का कोई सूचना देना मुनासिब नही समझा। और इस प्रकार मनमाने कार्यशैली को अंजाम देने वाले जनपद सीईओ श्री राठौर ने पत्रकारों के प्रति तानाशाही रवैया अपनाया। जिसे लेकर पत्रकारों में खासा नाराजगी व्याप्त है। बता दें कि सीईओ श्री राठौर जब से पाली जनपद की कुर्सी पर बैठे है तब से मेरी मुर्गी की एक टांग की तर्ज पर कार्य कर रहे है। तथा इनके लिए तो शासन- प्रशासन का आदेश भी कोई मायने नही रखता, जहां पंचायती कामकाज में महिला पंचायत पदाधिकारियों के किसी भी सगे- संबंधी या रिश्तेदार द्वारा हस्तक्षेप या दखलंदाजी नही करने, किसी विषय पर किसी भी पदाधिकारी की ओर से निर्णय लेकर सुझाव अथवा निर्देश नही देने संबंधित आदेश का जनपद कार्यालय में किसी भी प्रकार से पालन होता नही दिख रहा है और महिला जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों की उपस्थिति बेरोकटोक जनपद कार्यालय में हो रही है जो जनपद बैठकें के साथ पंचायतों के निर्माण कार्यों से संबंधित फाइलें लिए नजर आते है। जिन पर लापरवाह सीईओ का दूर- दूर तक नियंत्रण देखने को नही मिल रहा है। इस प्रकार शासन- प्रशासन के आदेश- निर्देश की सीईओ द्वारा जमकर धज्जियां उड़ाते हुए मनमानी पूर्वक कार्य किया जा रहा है। फिलहाल शांति समिति की बैठक में स्थानीय पत्रकारों को उपेक्षित रखे जाने के मामले को लेकर पत्रकारों ने इसकी मौखिक शिकायत एसडीएम से की है। जिसे लेकर एसडीएम ने भी सीईओ के कार्य रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। देखना है कि बेलगाम सीईओ पर प्रशासनिक तौर पर क्या लगाम कसा जाता है..?

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