राजधानी के इस अस्पताल की मान्यता हो सकती है समाप्त…

राजेन्द्र देवांगन
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राजधानी के इस अस्पताल की मान्यता हो सकती है समाप्त…

मनोज शुक्ला,। राजधानी रायपुर स्वास्थ्य विभाग ने अग्निकांड के लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार बताया है. 6 मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अपने-अपने एंगल से जांच कर रही है. इस हॉस्पिटल में फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है. आगे जांच के बाद मान्यता भी रद्द हो सकती है. वहीं पुलिस एक-एक साक्ष्य जुटाकर तफ्तीश कर रही है.
पुलिस ने जिला चिकित्सा अधिकारी से 8 बिंदु में सवाल पूछे थे, जिसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दे दी है. पुलिस को दिए जवाब में एक बड़ी लापरवाही का उजागर हुआ है. अस्पताल प्रबंधन ने फायर सेप्टी ऑडिट संबंधित स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है.डॉ. मीरा बघेल ने बताया कि पुलिस ने आठ सवाल पूछे थे, जिसमें हॉस्पिटल की एक लापरवाही सामने आई है. निश्चित तौर पर अगर फायर सेप्टी सही होता, तो जिन मरीजों की जान गई है, उन्हें बचाया जा सकता था. आग को शुरूवाती दौर में बुझाया जा सकता था तो आग विकराल रूप नहीं ले पाती. विकराल होने पर मरीजों की मौत हुई है. आग्निकांड के लिए हॉस्पिटल प्रबंधन जिम्मेदार है.अस्पताल सुपर स्पेशलिटी के नाम से पंजीकृत है लाइसेंस की प्रति फाइल में संलग्न हैअस्पताल पूर्व में डॉ विनय जायसवाल, डॉ सुनील मल्ल के नाम से पंजीकृत है, वर्तमान में डॉ सचिन मल्ल, डॉ अरविंदो राय, डॉ लालवानी संचालन कर रहे हैं.अस्पताल में आग लगने की घटना के लिए अस्पताल प्रबंधक जिम्मेदार है नियम कानून का पालन नहीं किया गया, तो इसके लिए हॉस्पिटल प्रबंधक संचालक मंडल जिम्मेदार हैलाइसेंस के सुरक्षागण मापदंड की प्रति दिया गया हैअस्पताल प्रबंधन ने फायर सेफ्टी ऑडिट के संबंध में जानकारी कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की गई है.स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में जांच करने के लिए टीम गठित की गई और जांच जारी है. फिलहाल जो नियम कानून के उल्लघंन पाए जाने पर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है. आगे की जांच रिपोर्ट के आधार मान्यता भी खत्म की जा सकती है.

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