मुंगेली :- प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए शासन ने VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) एप पर कड़ाई बढ़ा दी है। राज्य स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक सभी अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि VSK एप में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जारी निर्देश के अनुसार अब सभी शिक्षकों को नियमानुसार टाइम टू टाइम अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। प्रातः विद्यालय खुलते ही चेक-इन और विद्यालय बंद होते ही चेक-आउट करना अनिवार्य कर दिया गया है। एप में लोकेशन के साथ निर्धारित समय भी प्रदर्शित होती है, जिससे वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन भी होना दिखता है…
सूत्रों के अनुसार कई स्थानों से शिक्षकों द्वारा समय पर उपस्थिति दर्ज न करने और बिना सूचना के अनुपस्थित रहने की शिकायतें राज्य स्तर पर पहुंची थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।

शिक्षा विभाग की पैनी नजर, सभी अधिकारियों को निर्देश
शिक्षा विभाग द्वारा VSK एप की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्यों तक को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन अपने अधीनस्थ विद्यालयों की VSK रिपोर्ट का अवलोकन करें और लापरवाह पाए जाने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि VSK एप में गड़बड़ी करने या जानबूझकर उपस्थिति दर्ज न करने को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।

शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद साप्ताहिक आंकलन
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश के बाद अब VSK एप की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। हर सप्ताह राज्य स्तर पर जिलों की रैंकिंग तैयार हो रही है कि किस जिले में कितने शिक्षकों ने समय पर उपस्थिति दर्ज की। कम प्रगति वाले जिलों और विकासखंडों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है। इस साप्ताहिक आंकलन के बाद से ही ब्लॉक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर VSK उपस्थिति का मिलान कर रहे हैं। शासन के निर्देश है कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षक की समय पर उपस्थिति पहली शर्त है, और इस मामले में अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। मुंगेली विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि किसी भी शिक्षक को अगर VSK एप के अटेंडेंस में कोई तकनीकी प्रॉब्लम आ रही है या उनकी ड्यूटी किसी अन्य कार्यों में लगी हो जिसके कारण वह ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं दे पा रहे हैं तो वह आकर कार्यालय में संपर्क कर अवगत कराने की बात कही।



