बिलासपुर में तकनीकी सहायकों की तीन दिवसीय हड़ताल, नियमितीकरण समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर के तकनीकी सहायक 13 से 15 अक्टूबर तक तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं। अपनी मांगों और लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर बिलासपुर जिले के तकनीकी सहायक भी आंदोलन में शामिल हुए हैं। संघ ने शासन को ज्ञापन सौंपकर नियमित पद सृजित करने, समायोजन और सेवा शर्तों में सुधार सहित चार सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

12 अक्टूबर को शासन को सौंपा ज्ञापन

संघ की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इसमें तकनीकी सहायकों की लंबे समय से लंबित मांगों का उल्लेख करते हुए शासन से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि मांगों के समाधान के लिए पहले भी शासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों को सांकेतिक हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

नियमित पद सृजित कर समायोजन की मांग

छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विकसित भारत जी राम जी योजना में कार्यरत सभी तकनीकी सहायकों के लिए नियमित पद सृजित कर उनका समायोजन करने की मांग की है।

संघ की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

  • नियमित पदों का सृजन: योजना में कार्यरत सभी तकनीकी सहायकों के लिए नियमित पद बनाकर समायोजन किया जाए।
  • सेवा शर्तों में स्थायित्व: नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक ग्राम पंचायत सचिवों की तरह स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू की जाए।
  • पदनाम में बदलाव: तकनीकी सहायक के स्थान पर ‘कनिष्ठ अभियंता (VBG RAM G)’ पदनाम दिया जाए।
  • लंबित समस्याओं का समाधान: तकनीकी सहायकों की शेष सेवा संबंधी समस्याओं पर शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

13 से 15 अक्टूबर तक सांकेतिक हड़ताल

संघ ने 13 और 14 अक्टूबर को जिला स्तर पर तथा 15 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में सांकेतिक हड़ताल और धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम निर्धारित किया है। ज्ञापन में आंदोलन के दौरान अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने की जानकारी दी गई है।

तकनीकी सहायक रोजगार गारंटी योजना से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल से योजना के अंतर्गत होने वाले तकनीकी और मैदानी कार्य प्रभावित होने की आशंका है।

अब कर्मचारियों की मांगों पर शासन की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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