बिलासपुर। शनिचरी बाजार मुख्य मार्ग में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। सड़क और फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होते ही दुकानदारों ने इसका विरोध किया।
इस दौरान शनिचरी बाजार के दुकानदारों ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा उनकी दुकानों की रसीद काटी गई है। दुकानदारों का कहना था कि निगम की रसीद लेने के बाद ही उन्होंने वहां दुकान लगाई थी। दुकान के लिए लगाया गया सेटअप भी निगम की जानकारी में था, फिर अब अचानक उसे अतिक्रमण बताकर कार्रवाई क्यों की जा रही है।

दुकानदारों ने आरोप लगाया कि यदि नगर निगम ने उनसे 800 शुल्क लेकर रसीद जारी की है, तो उसी स्थान पर दुकान लगाने को अवैध कैसे माना जा रहा है। कार्रवाई के दौरान इसी मुद्दे को लेकर निगम अमले और दुकानदारों के बीच बहस की स्थिति बनी रही।
दुकानदारों का आरोप है कि जोन कमिश्नर के निर्देश पर जबरदस्ती तोड़फोड़ की जा रही है। दुकानदारों ने कहा कि निगम द्वारा पहले उनकी रसीद काटी गई और दुकान लगाने की अनुमति दी गई, लेकिन अब उसी दुकान के सेटअप को तोड़ा जा रहा है। इससे दुकानदारों में नाराजगी है।

दुकानदारों ने मांग की कि पहले नगर निगम द्वारा जारी की गई रसीद और दुकान लगाने की अनुमति से संबंधित स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि यदि निगम ने शुल्क लेकर रसीद जारी की है, तो कार्रवाई से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उनकी दुकान किस आधार पर अतिक्रमण की श्रेणी में आती है।

वहीं, सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए निगम की कार्रवाई को लेकर भी अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं। अब पूरे मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम दुकानदारों द्वारा दिखाई जा रही रसीदों और जबरन तोड़फोड़ के आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण देता है।











