विकास को तरस रहा मुंगेली नगर. बारिश ने खोली शहर की बदहाल सड़कों की पोल

Jagdish Dewangan
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मुंगेली। बारिश में मुंगेली नगर की सड़कों की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई है। शहर की प्रमुख सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे पानी से लबालब भरे हुए हैं, जिससे राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।


नगरवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से मुंगेली शहर धूल, कीचड़, टूटी सड़कों और अधूरे विकास कार्यों की मार झेल रहा है। हर बारिश के साथ हालात और बदतर हो जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया है। विडंबना यह है कि मुंगेली राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जिला माना जाता है। यह केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव का गृह जिला है। वहीं, पूर्व सांसद एवं पूर्व खाद्य मंत्री लखन लाल, मोहले ने भी 11 बार से अधिक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बावजूद नगर की आधारभूत सुविधाओं की स्थिति सवालों के घेरे में है।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास और सुशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं। नगर की प्रमुख सड़कें बदहाल हैं, जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है और गड्ढों से भरी सड़कें आम नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। नगरवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बरसात के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और जन-धन की हानि को रोकने के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा शहर के लिए दीर्घकालिक सड़क और जल निकासी योजना लागू की जाए, ताकि मुंगेली को बदहाल सड़कों और कीचड़ से स्थायी राहत मिल सके।

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संपादक - जगदीश देवांगन