निर्माणाधीन भवन में खेलते नजर आए बच्चे, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

राजेन्द्र देवांगन
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तखतपुर। बिलासपुर जिले के विकासखंड तखतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत घोघाडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला घोघाडीह में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। विद्यालय परिसर में चल रहे भवन निर्माण कार्य के बीच कई बच्चे खेलते हुए दिखाई दिए। इस दौरान कुछ बच्चे निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे लोहे के सरियों (रॉड) पर झूलते नजर आए, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विद्यालय में निर्माणाधीन स्थल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। न तो बच्चों के प्रवेश को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और न ही किसी प्रकार के चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में मासूम बच्चे अनजाने में निर्माण स्थल के करीब पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

मामले की जानकारी लेने के लिए जब विद्यालय के प्रधान पाठक से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि बच्चे पानी पीने के लिए ऊपर चढ़े हुए थे। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि बच्चे वहां खेल रहे थे और लोहे की रॉड में झूल रहे थे। ऐसे में प्रधान पाठक द्वारा दिया गया जवाब वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता दिखाई देता है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों की निगरानी और सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई है। यदि समय रहते आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं, तो कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही यह लापरवाही चिंता का विषय बन गई है।

शासन द्वारा स्कूलों में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार निर्माण स्थल को सुरक्षित रखना, बच्चों की पहुंच से दूर रखना तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके बावजूद यदि विद्यालय परिसर में बच्चे खुलेआम निर्माणाधीन स्थल पर पहुंच रहे हैं, तो यह संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी तत्काल जांच कर आवश्यक कदम उठाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता ना हो

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