पीला और रेतीला पानी पीने को मजबूर वार्डवासी, नगर पालिका की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

दूषित पानी के सेवन से क्षेत्र में उल्टी, दस्त और पेट संबंधी शिकायतें बढ़ी

मुंगेली—– नगर पालिका क्षेत्र के सारथीपारा मोहल्ले में पेयजल व्यवस्था बदहाल होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का आरोप है कि नलों से कई दिनों से पीला, रेतीला और दूषित पानी आ रहा है, जिससे लोगों को मजबूरी में वही पानी पीना पड़ रहा है। मौखिक शिकायतों के बावजूद नगर पालिका प्रशासन द्वारा समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि पेयजल में लगातार गंदगी और रेत आने से पानी उपयोग योग्य नहीं रह गया है। इसके बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार मौखिक शिकायत की, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी रतन देवांगन एवं सावित्री देवांगन ने बताया कि दूषित पानी के सेवन से कई लोगों की तबीयत खराब हो रही है। क्षेत्र में उल्टी, दस्त और पेट संबंधी शिकायतें बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि साफ पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन यहां लोगों को बुनियादी सुविधा के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कर पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

साफ पानी को तरस रहे लोग, जिम्मेदार बेपरवाह

एक ओर सरकार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं सारथीपारा के लोग आज भी पीला और रेतीला पानी पीने को मजबूर हैं। नगर पालिका की उदासीनता के कारण वार्डवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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