देवांगन समाज के चौक निर्माण में लापरवाही, सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री से होगी शिकायत।नगर पालिका मुंगेली की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

Jagdish Dewangan
3 Min Read

मुंगेली— शहर में विकास कार्यों के दावे भले ही कागजों में तेज़ी से पूरे होते दिखाए जा रहे हों, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। नगर पालिका मुंगेली की उदासीनता और लापरवाही का एक और मामला सामने आया है, जिसमें देवांगन समाज के चौक निर्माण का कार्य लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। इस मुद्दे को लेकर अब समाज में गहरा आक्रोश पनप रहा है।
देवांगन समाज के अध्यक्ष आनंद देवांगन (अधिवक्ता) ने खुलकर नाराज़गी जताते हुए कहा कि शहर के अन्य समाजों के चौक निर्माण कार्य जहां पूर्ण हो चुके हैं, वहीं देवांगन समाज के चौक का निर्माण अब तक शुरू तक नहीं किया गया है। इसे उन्होंने नगर पालिका की भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। नतीजतन, यह महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। समाज के लोगों का कहना है कि वे शांतिप्रिय और सीधे-सादे हैं, इसलिए दबाव की राजनीति नहीं करते, जिसका फायदा प्रशासन उठा रहा है।
समाज के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि अगर वे भी अन्य संगठनों की तरह आक्रामक रुख अपनाते, तो शायद अब तक उनका चौक भी बनकर तैयार हो चुका होता। लेकिन संयम और नियमों के तहत अपनी बात रखने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अब देवांगन समाज ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष आनंद देवांगन ने बताया कि आगामी सुशासन तिहार के दौरान जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुंगेली पहुंचेंगे, तब समाज के लोग उनसे सौजन्य मुलाकात कर इस मामले की लिखित शिकायत सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं होता है, तो समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
यह मामला नगर पालिका मुंगेली की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े करता है—क्या विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है? क्या शांतिपूर्ण समाजों की अनदेखी प्रशासन की नीति बन चुकी है? ऐसे कई सवाल अब शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं।
देवांगन समाज ने साफ शब्दों में कहा है कि अब वे अपने अधिकारों के लिए चुप नहीं बैठेंगे और हर स्तर पर आवाज़ उठाएंगे। आने वाले दिनों में यह मुद्दा शहर की राजनीति और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

Share This Article
संपादक - जगदीश देवांगन