Railway का फैसला, अब ट्रेन के जनरल डिब्बों से होगी माल ढुलाई, बस यह होगी शर्त

राजेन्द्र देवांगन
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कोरोना काल में सवारी गाड़ियां (ट्रेन) नहीं चलने से इनमें लगने वाले पार्सल यान के जरिये होने वाली माल ढुलाई प्रभावित हुई है। हालांकि, स्पेशल और पार्सल ट्रेनों के जरिये मांग के अनुरूप सप्लाई की कोशिश की गई, मगर शत-प्रतिशत कामयाबी नहीं मिली है। ऐसे में रेलवे ने यार्ड या सेक्शन में खड़ीं जनरल बोगियों से माल ढोने का फैसला किया है। इन बोगियों को पार्सल ट्रेनों में जोड़ा जाएगा। सवारी गाड़ियां नहीं चलने से इनमें लगने वाले पार्सल यान से होने वाली ढुलाई प्रभावित हो गई है। स्पेशल और पार्सल ट्रेनों के जरिये भी मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं हो पा रही है। रेलवे का पूरा जोर इन दिनों माल ढुलाई पर है, लेकिन पार्सल बोगियों की कमी हो रही है। अधिक से अधिक माल ढुलाई के लिए रेलवे ने सवारी गाड़ियों के जनरल कोच का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। शर्त बस ये होगी कि जनरल कोच में 10 टन से अधिक पार्सल नहीं होगा। बोर्ड के इस आदेश पर दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे जोन भी अमल करने की तैयारी में है। यही वजह है कि जोन के सभी रेल मंडलों के कोचिंग डिपो को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनरल कोच को तैयार रखें।

जोन में करीब 450 जनरल कोच

जोन में करीब 450 जनरल कोच हैं। अकेले बिलासपुर रेल मंडल की बात करें तो यहां 200 कोच हैं। हालांकि, कुछ स्पेशल ट्रेनों में इन बोगियों का उपयोग हो रहा है। इसके बाद भी कई ट्रेनें यार्ड व सेक्शन में खड़ीं हैं।

पार्सल बोगी कम पड़ने पर जनरल कोच का इस्तेमाल करने के लिए रेलवे बोर्ड से पत्र आया है। इस व्यवस्था से अधिक से अधिक माल ढुलाई कर सकते हैं। इसके लिए कोच के भीतरी ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कोच की सीटें यथावत रहेंगी।

-पुलकित सिंघल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, बिलासपुर रेल मंडल

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